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तहसील में वकीलों ने डाला ताला: SDM को कार्यालय के बाहर डालनी पड़ी कुर्सी, अधिवक्ताओं की जिद से छूटे पसीने

Mon, 03 Jul 2023 02:10 PM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला, आगरा

सार

लेखपालों पर कार्रवाई की मांग को लेकर अधिवक्ता पिछले 24 दिनों से धरना दे रहे हैं। अधिकारियों द्वारा सुनवाई न होने पर सोमवार को गुस्साए अधिवक्ताओं ने पूरी तहसील के कार्यालयों में तालाबंदी कर दी।
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कार्यालय के बाहर बैंठी एसडीएम पूजा गुप्ता - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आगरा की खेरागढ़ तहसील में चल रहा बार एसोसिएशन का धरना सोमवार को उग्र हो गया। लेखपालों पर कार्रवाई की मांग को लेकर पिछले 24 दिनों से चल रहे धरने में सोमवार को गुस्साए अधिवक्ताओं ने पूरी तहसील के कार्यालयों में तालाबंदी कर दी। कोई भी कार्य तहसील में नहीं हुआ। फरियादी भटकते हुये नजर आए।

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रजिस्टरी ऑफिस तक अधिवक्ताओं ने नहीं खुलने दिया है। आलम ये था कि एसडीएम जब तहसील पहुंची तो उन्हें भी अपने कार्यालय में प्रवेश नहीं मिल सका। वकीलों की जिद के बाद एसडीएम ने अपने कार्यालय के बाहर ही कुर्सी डाल ली और फरियादियों की समस्याएं सुनीं। बार एसोशिएसन के अध्यक्ष जोगेन्द्र सिंह परमार ने बताया कि जिले के सभी अधिकारियों को आग्रह कर लिया। अधिकारी अधिवक्ताओं की समस्या को नहीं समझ रहे हैं। एसी में बैठ कर काम करने वाले आम आदमी का दर्द नहीं समझते हैं। इसलिए आज अधिकारियों को बिना एसी के बैठकर समझ में आ जाना चाहिए कि अधिवक्ता 24 दिन से क्यों परेशान हैं। 

सचिव हरिओम सिकरवार ने आरोप लगाया है कि तहसील के अधिकारी मनमानी कर रहे हैं। आम आदमी की समस्या से उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता है। आलाधिकारी कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। इधर  जिलेभर की तहसीलों में खेरागढ़ तहसील के बार के समर्थन में अधिवक्ता उतर आए हैं। 24 दिन से हड़ताल पर बैठे अधिवक्ता लेखपालों पर कार्रवाई करने की मांग कर रहे है। इस संबंध में  उपजिलाधिकारी डॉ. पूजा गुप्ता ने बताया कि अधिवक्ताओं की 10 सूत्रीय मांग है। उन पर उनसे वार्ता चल रही है। धरना जल्द समाप्त करा दिया जाएगा। 
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अधिकारियों को सता रहा डर

खेरागढ़ तहसील में चल रहे धरने से अधिकारियों को डर सता रहा है। सूत्रों की मानें तो जिन लेखपालों पर कार्रवाई की गई तो लेखपाल धरने पर ना चले जाए। लेकिन 24 दिन के बाद भी अधिकारियों द्वारा कोई निर्णय ना लेने से जनता परेशान हैं। तहसील में बैनामा नहीं हो रहे हैं, जिससे सरकार को राजस्व का नुकसान हो रहा है।
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