किशनी। तहसील क्षेत्र के मुड़ौसी में जीवित व्यक्ति को मृत दिखाकर उसकी जमीन दूसरे के नाम करने पर एसडीएम ने मामले के खुलासे के लिए जांच टीम बना दी है। टीम को जल्द जांच करके जांच रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं।
मुड़ौसी में श्रीकृष्ण जाटव ने डीएम से शिकायत करके बताया था कि क्षेत्रीय लेखपाल ने उनको मृत दिखाकर जमीन को उन्हीं के नाम के दूसरे व्यक्ति के नाम कर दिया है। जबकि वह जिंदा हैं। एसडीएम ने मामले की जांच के लिए नायब तहसीलदार व कानूनगो की टीम बनाई है। जांच टीम मंगलवार को गांव पहुंची और ग्रामीणों से जानकारी ली। मंगलवार को श्रीकृष्ण ने तहसील आकर बताया कि लेखपाल असित यादव ने दूसरे पक्ष से सांठगांठ कर उनको जमीन से बेदखल कर दिया है। उन्होंने लेखपाल पर कार्रवाई कर उनकी जमीन वापस दिलाने की मांग की। एसडीएम प्रसून कश्यप ने बताया कि मामला संज्ञान में है। जांच टीम की रिपोर्ट उनको मंगलवार शाम तक मिल जाएगी। दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
मथुरा के व्यक्ति के नाम किया बैनामा
किशनी। जमीन में ज्यादा हस्तक्षेप न होते देख भू माफिया की नजर इस पर लग गईं। जमीन के असली मालिक श्रीकृष्ण के पिता का नाम रामचरन और जाति जाटव है। दूसरे श्रीकृष्ण के पिता का नाम सदलू और जाति दिवाकर है। इसको नजरअंदाज कर लेखपाल से लेकर सक्षम अधिकारियों की रिपोर्ट सिर्फ एक दिन में लगकर 20 मई को जमीन की विरासत रमेशचंद्र दिवाकर व उमेश के नाम पर दर्ज की गई। दो दिन बाद 22 मई को इसका बैनामा मथुरा के अनुसूचित जाति के व्यक्ति के नाम करवा लिया गया। रमेशचंद्र व उमेश दिवाकर ने पूरी जमीन जगदीश जाटव निवासी मुखराई राधाकुंड रूरल मथुरा तहसील जिला मथुरा के नाम कर दी। बैनामा होने की जानकारी होने पर असली मालिक श्रीकृष्ण ने तहसीलदार न्यायालय में अर्जी देकर बैनामा के अमलदरामद पर रोक लगवा दी है।