शहर में चल रहे अवैध पूल क्लबों (बिलियर्ड्स टेबल) के खिलाफ मनोरंजन कर और पुलिस की कार्रवाई के बाद खलबली मच गई है। जो पंजीकृत क्लब हैं वे तो कार्यालय के चक्कर लगाने लगे हैं, अवैध क्लब संचालक भूमिगत हो गए हैं।
गौरतलब है कि शहर की तमाम पाश कालोनियों और मुख्य बाजारों में पूल क्लब का धंधा जमकर फल फूल रहा है। इन क्लबों पर दिन भर युवाओं और किशोरों की भीड़ लगी रहती है। शहर भर में बड़ी संख्या में क्लब खुल गए हैं लेकिन मनोरंजन कर विभाग में महज आठ या दस का पंजीकरण है। हैरत की बात यह है अवैध रूप से चल रहे इन क्लबों में बिलियर्ड्स खिलाने के नाम पर खुलकर जुआ होता है। शीतल पेय के नाम पर नशा भी परोसा जा रहा है। युवक बीयर और शराब पीते हैं। झगड़े होना आम बात है। मनोरंजन कर विभाग के अधिकारी इनके खिलाफ कार्रवाई की कोशिश करते हैं तो राजनीतिक अड़चन सामने आ जाती है। पिछले दिनों मनोरंजन कर अधिकारी पंकज कुमार ने जिलाधिकारी और एसएसपी के समक्ष यह मामला रखा था। उस पर एसएसपी ने थानाध्यक्षों को आदेश जारी किया जहां-जहां भी यह क्लब चल रहे हैं उन्हें बंद कराया जाए। पुलिस की कार्रवाई के बाद क्लब संचालकों के होश उड़ गए हैं। जिन लोगों का पंजीकरण वे अब मनोरंजन कर विभाग के चक्कर काट रहे हैं। जिनका लाइसेंस नहीं उनमें से तमाम लाइसेंस पाने की जुगाड़ में हैं तो कुछ भूमिगत हो गए हैं। मनोरंजन कर अधिकारी पंकज कुमार ने बताया कि जो क्लब पंजीकृत हैं वे भी समय पर टैक्स का भुगतान नहीं कर रहे हैं।
नोटबंदी ने मंदा किया धंधा
आगरा। नोटबंदी का असर मनोरंजन कर विभाग पर भी हुआ है। सिनेमा घरों में भीड़ कम होने के कारण फिल्म उद्योग की हालात खराब है। इसका असर मनोरंजन कर भी पड़ा है। मनोरंजन कर अधिकारी पंकज कुमार के मुताबिक नोट बंदी के बाद से टैक्स करीब 60 फीसदी घट गया है।