बाद में बैंक और दुकानों में रखे फायर एस्टिंगुशर लेकर आए। तब कहीं आग बुझ सकी। सूचना पर पुलिस भी आ गई। पियूष ने पुलिस को बताया कि स्कूटर रिश्तेदार का था। डिकी में एक-एक लीटर वाली सैनिटाइजर की दो बोतलें रखी थीं। इसी से आग भड़की।
डिकी में नहीं रखना चाहिए सैनिटाइजर
एसपी सिटी बोत्रे रोहन प्रमोद ने बताया कि उन्होंने इंजीनियर से बात की थी। इंजीनियर ने बताया कि स्कूटर की डिकी स्कूटर की सीट के नीचे होती है। उसी के नीचे स्कूटर का इंजन होता है। स्कूटर जब चलता है तो इंजन गर्म हो जाता है। डिकी में गर्मी पहुंचती है।
संभवत: सैनिटाइजर की बोतल से सैनिटाइजर निकल रहा होगा। गरमी से बोतल की प्लास्टिक पिघल गई। कई सैनिटाइजर में एल्कोहल की मात्रा 70 प्रतिशत से अधिक होती है। इस वजह से आग भड़क गई। सैनिटाइजर ज्वलनशील होता है। इसकी बोतल को स्कूटर की डिकी में नहीं रखना चाहिए।
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