आगरा में मृत मवेशियों को दफनाने के बजाय अब वैज्ञानिक तरीके से कारकस या इंसीनरेटर प्लांट में निस्तारित किया जाएगा। छलेसर में 2.80 करोड़ रुपये की लागत से तैयार प्लांट जल्द शुरू होने की उम्मीद है। नगर आयुक्त ने निरीक्षण के दौरान तकनीकी ट्रायल रन जांच कमेटी की मौजूदगी में कराने और उसकी वीडियो रिकॉर्डिंग के निर्देश दिए हैं। गुणवत्ता परीक्षण के बाद ही भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
आगरा में मृत मवेशियों को दफनाने की जगह अब वैज्ञानिक ढंग से जलाकर निस्तारित किया जा सकेगा। छलेसर में 2.80 करोड़ रुपये की लागत से मृत पशुओं का निस्तारण करने वाला कारकस या इंसीनरेटर प्लांट जल्द शुरू हो जाएगा।
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नगर आयुक्त संतोष कुमार वैश्य ने इंसीनरेटर प्लांट का निरीक्षण कर इसे जल्द शुरू कराने और सुविधाओं के निर्देश दिए। मुख्य पशु एवं चिकित्सा अधिकारी डॉ. अजय कुमार सिंह ने बताया कि करीब 2.80 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस प्लांट के माध्यम से मृत पशुओं का वैज्ञानिक एवं सुरक्षित तरीके से निस्तारण किया जा सकेगा। नगर आयुक्त ने निर्देश दिए कि प्लांट का तकनीकी ट्रायल रन जांच कमेटी की मौजूदगी में कराया जाए। कमेटी में मैकेनिकल इंजीनियर को भी शामिल किया जाएगा। ट्रायल रन की वीडियो रिकॉर्डिंग कराई जाएगी, जिससे प्लांट की कार्यक्षमता का तकनीकी परीक्षण किया जा सके।
मॉडल धोबीघाट को मिलेगा और बेहतर स्वरूप
नगर आयुक्त ने 1.96 करोड़ रुपये की लागत से झरना नाले के पास छलेसर में विकसित मॉडल धोबीघाट का निरीक्षण किया। यहां व्यवस्थित तरीके से बेहतर वातावरण में कपड़े धोने की सुविधा उपलब्ध कराने की योजना है। उन्होंने परिसर की सुविधाओं, फर्श, सीढ़ियों, टाइल्स, दीवारों एवं अन्य निर्माण कार्यों का जायजा लिया। कुछ जगह सुधार के सुझाव दिए और ड्राइंग के मुताबिक ही परीक्षण कराने के लिए कहा। नगर आयुक्त ने बताया कि मॉडल धोबीघाट को शहर की एक उपयोगी और आदर्श सुविधा के रूप में विकसित किया जाना है। निर्माण विभाग से उन्होंने दोनों संस्थाओं के भुगतान को अगले आदेश तक रोकने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि गुणवत्ता परीक्षण के बाद ही नियमानुसार भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।