एमजी रोड स्थित सेंट पाल्स चर्च कालेज यूनिट द्वितीय के विद्यार्थियों को लेने आईं स्कूल कैब (वैन) से जाम लगने पर पुलिस ने सूजा चला दिया। 15 कैब को एक के बाद एक पंक्चर कर दिया। इस पर कैब के चालक भाग खड़े हुए। कालेज प्रशासन की ओर से भी लापरवाही की गई। कैबों को स्कूल परिसर में नहीं आने दिया गया। इससे छुट्टी के बाद विद्यार्थी घर नहीं जा सके। तीन घंटे तक भूख प्यास से बेहाल रहे। सूचना पर आए अभिभावक काफी देर बाद उन्हें ले गए।
सेंट पाल्स चर्च कालेज यूनिट द्वितीय के बच्चों को लेने आने वाली स्कूल कैब और आटो कालेज के बाहर खड़े होते हैं। चुनाव ड्यूटी में फोर्स जाने के कारण एमजी रोड पर जाम लग रहा है। शुक्रवार को भी यही स्थिति थी। कालेज के सामने कैब और आटो के खड़े होने के कारण भी जाम लग गया। इंस्पेक्टर थाना हरीपर्वत ने बताया कि जाम की सूचना पर पुलिसकर्मियों को कालेज भेजा गया था। बाहर खड़ी कैबों को परिसर में अंदर खड़ा कराने के लिए प्रिंसिपल से बात करने गए। मगर, प्रिंसिपल ने मिलने से मना कर दिया। उन्होंने अपने चपरासी को भेजकर पुलिस को वापस कर दिया।
जाम खुलवाने के लिए पुलिस ने कैबों को हटाने का प्रयास किया तो चालक भी पुलिस से उलझ गए। बाद में पुलिस कर्मियों ने सूजे से कैबों को पंक्चर करना शुरू कर दिया। इससे कैब चालकों में हड़कंप मच गया।
उन्होंने कालेज परिसर में कैब खड़ा करने की कोशिश की, लेकिन चौकीदार ने गेट नहीं खोला। पुलिस कार्रवाई के बाद कैब चालक भाग गए। दोपहर तकरीबन 12:30 बजे जूनियर क्लास के विद्यार्थी छुट्टी होने पर बाहर आए तो उन्हें वाहन नहीं मिले। इस पर विद्यार्थी कालेज के बाहर खड़े रहे। बाद में उन्हें वापस कालेज परिसर में ले लिया गया। वह भूख प्यास से बेहाल हो गए। दोपहर 2:20 पर कालेज के अन्य विद्यार्थियों की भी छुट्टी हो गई। बाद में कालेज की ओर से अभिभावकों को सूचित किया गया। तकरीबन चार बजे बाद सभी विद्यार्थी घर जा सके। वहां पहुंची लक्ष्मी का कहना था कि जाम की समस्या को दूर करने के लिए दूसरा भी रास्ता निकाला जा सकता था। कुछ लोगों ने अपना गुस्सा उतारा और हंगामा किया। बाद में पुलिस ने किसी तरह समझाकर उन्हें शांत किया। कैब चालक विकास, संजय, शिव गोपाल, वीरेश, सुनील, गौरव, ललित, लाता ने बताया कि उनकी कैब को पंक्चर किया गया। उधर, स्कूल प्रबंधन ने इस बारे में कुछ भी कहने से इंकार कर दिया।
वैन संचालकों पर कार्रवाई तक नहीं
स्कूल वैन संचालक मानकों की अनदेखी कर रहे हैं। क्षमता से अधिक बच्चों को लेकर जाते हैं। अभिभावकों से मनमाना किराया भी वसूल किया जाता है। सुरक्षा के भी इंतजाम नहीं हैं। कई बार हादसे हो चुके हैं। इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
स्कूलों को नोटिस देने की तैयारी
एमजी रोड के स्कूल संचालकों और प्रिंसिपलों को पुलिस ने नोटिस देने की तैयारी कर ली है। स्कूलों के बाहर खड़े होने वाले वाहनों के लिए अलग से पार्किंग बनाने के निर्देश दिए जाएंगे।