घटना दोपहर 1 बजे की है। सेंट जाॅर्जेस स्कूल परिसर के बराबर में मेडिकल इंस्टीट्यूट संचालित हो रहा है। स्कूल और अस्पताल के बीच में 10 फीट का गहरा नाला होकर गुजर रहा है। स्कूल की बाउंड्रीवाॅल में तीन दरवाजे बने हुए हैं। इनसे नाले की तरफ जाने का रास्ता है। छुट्टी के बाद स्कूल परिसर में खड़ी वैन में 11 बच्चे बैठ गए। चालक राजू वैन की छत पर स्कूल बैग रखने लगा। आगे की सीट पर भी दो बच्चे बैठे हुए थे। बताया गया है कि इसी दाैरान खेल-खेल में एक बच्चे से हैंडब्रेक हट गई। इससे वैन ढलान पर होने की वजह से नाले की तरफ जाने लगी। यह देखकर चालक ने रोकने का प्रयास किया, लेकिन वह कुछ नहीं कर सका। वैन स्कूल के गेट से टकराने के बाद नाले में जा गिरी। नाले में 3 फीट तक पानी भरा हुआ था। यह देखकर चालकों ने शोर मचा दिया।
वैन में फंसे बच्चे चीखने लगे। चालकों के साथ ही स्कूल प्रबंधन के लोग भी पहुंच गए। बच्चों को नाले में कूदकर शीशे तोड़कर बाहर निकाला गया। वैन से नाले में गिरने की वजह से चोट भी लग गईं। इस पर सभी को विद्यालय के बगल के इंस्टीट्यूट में भर्ती कराया। घटना की जानकारी पर पुलिस पहुंच गई। स्कूल प्रबंधन की जानकारी पर अभिभावक आ गए। फर्स्ट एड के बाद बच्चों को घर भेजा गया।
प्रिंसिपल आशीष हाबिल ने बताया कि विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए स्कूल परिसर में वैन को खड़ा कराकर बैठाया जाता है। बारिश के दाैरान चालक वैन की छत पर रखे बैग को हटा रहा था। इस दाैरान ही किसी विद्यार्थी के हाथ से गलती से हैंड ब्रेक हटने पर हादसा हुआ था। ढलान की वजह से वैन नाले में गिर गई। सभी विद्यार्थी सुरक्षित हैं। हालांकि प्राथमिक उपचार दिलाया गया। कुछ को अभिभावक ले गए, जबकि बाकी को दूसरी वैन से घर भेजा गया।