उसने 18 जनवरी को उनके वाट्सएप नंबर पर स्पष्टीकरण मांगने से संबंधित रिपोर्ट भेजी। उनसे कहा कि वह निलंबित कर दी जाएगी। आरोप है कि जितेंद्र कुमार ने निलंबन से बचने के एवज में पांच हजार रुपये रिश्वत मांगी। उसने कई बार उन्हें फोन करके रकम देने के लिए कहा। वह तीन हजार रुपये लेकर रिपोर्ट उनके पक्ष में देने को तैयार हो गया।
टीम के पकड़ने पर खिड़की से कूदकर भागने लगा
एंटी करप्शन के निरीक्षक जसपाल पवार के मुताबिक, नीरजा शर्मा की शिकायत पर टीम बनाई गई। नीरजा शर्मा ने जितेंद्र कुमार को शनिवार को अपने फ्लैट पर बुलाया। उसके आने से एक घंटे पहले टीम पहुंच गई। उनके फ्लैट के दूसरे कमरे में बैठ गई। जितेंद्र कुमार फ्लैट पर दोपहर तीन बजे पहुंचा। बातचीत के बाद वह रकम लेकर जाने लगा। तभी एंटी करप्शन के निरीक्षक सूरज सिंह बाहर आ गए।
उन्होंने आरोपी को पकड़ लिया। उसे जैसे ही पता चला कि एंटी करप्शन की टीम है, वह भागने लगा। फ्लैट की खिड़की से भी कूदने का प्रयास किया। उसे किसी तरक काबू किया गया। फ्लैट से गाड़ी में लाने के दौरान भी हंगामा किया। इस पर लोगों की भीड़ भी लग गई। आरोपी से रिश्वत की रकम बरामद कर ली। उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। रविवार को उसे मेरठ की एंटी करप्शन कोर्ट में प्रस्तुत किया जाएगा।