आगरा। यूपी बोर्ड शिक्षक एवं शिक्षा बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले विद्यालय संचालकों ने शुक्रवार को जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय से कलक्ट्रेट तक पैदल मार्च निकाला। ऑनलाइन कक्षाएं बंद करने और कक्षा एक से 12 तक के विद्यालय खोलने की मांग के संबंध में मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एमसीएम तृतीय विनोद कुमार को सौंपा।
उत्तर प्रदेश शिक्षण संस्थान युवा प्रबंधक परिषद के अध्यक्ष संदीप मुखरैया ने कहा कि कोरोना की वजह से दो वर्षों से विद्यालय बंद हैं। अब कोरोना मरीजों की संख्या कम हो गई है। दुकानें, जिम, रेस्टोरेंट आदि खुल गए हैं, ऐसे में स्कूलों को खोल देना चाहिए। ऑल प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष सुरेंद्र सक्सेना ने कहा कि ऑनलाइन पढ़ाई पूरी तरह से फेल है। फोन और इंटरनेट की सुविधा न होने से गरीब परिवारों के बच्चे ऑनलाइन कक्षाओं में शामिल नहीं हो पा रहे हैं।
उत्तर प्रदेश शिक्षा संस्थान प्रबंधक परिषद के मंडल अध्यक्ष रामवीर फौजदार ने कहा कि अभिभावक भी ऑनलाइन पढ़ाई को पसंद नहीं कर रहे हैं। इसी वजह से वह बच्चों की फीस जमा नहीं कर रहे हैं। फीस न आने से विद्यालय अपने स्टाफ को वेतन नहीं दे पा रहे हैं। उत्तर प्रदेश विद्यालय प्रबंधक परिषद के सचिव गजेंद्र सिंह परमार का कहना है कि फीस न जमा होने के साथ नए सत्र में छात्रों के प्रवेश भी नहीं हो रहे हैं। अभिभावक कहते हैं कि विद्यालय खुलने पर फीस देंगे। विरोध प्रदर्शन में राजकुमार अग्रवाल, सचिन शर्मा, राजकुमार शर्मा, चौधरी वीके सिंह, निसार अहमद, डॉ. अजय यादव, मेंबर सिंह, संजय शर्मा, चंद्रभान कुशवाह आदि शामिल रहे।