एटा जिले के गांव नगला केसरी के बच्चे जान जोखिम में डालकर स्कूल पहुंच रहे हैं। इन्हें बिजली के खंभे पर चलकर खारजा नहर पार करनी पड़ रही है। मासूम बच्चे दो किमी दूर अन्य गांव के स्कूल जाने को मजबूर हैं। बारिश के दिनों में बढ़े पानी से खतरा और बढ़ जाता है।
अवागढ़ ब्लाक के नगला केसरी के लोगों के लिए नए भारत, नए उत्तर प्रदेश के नारे खोखले साबित हो रहे हैं। स्कूल चलो अभियान को भी अव्यवस्थाओं का पलीता लग रहा है। स्कूल जाने वाले बच्चों के लिए नहर पार करने का साधन नहीं है। नहर पार करने के लिए बिजली खंभे रखा हुआ है।
बारिश के दिनों में यहां खतरा और बढ़ जाता है। तेज बहाव एवं गहरे पानी के चलते बच्चे तो दूर बड़े तक डरते हैं, लेकिन पढ़ाई के लिए मासूम बच्चे खंभे पर चलकर नहर पार करते हैं। नहर पार करते समय अभिभावक या स्कूल शिक्षक इन पर नजर रखते हैं।