आगरा के एत्मादपुर के भागूपुर स्थित आरबीएस उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की बस की टूटी फर्श से गिरकर बुधवार को छात्रा नैना की मौत के मामले में गैर इरादतन हत्या की धारा की बढ़ाई गई है। विवेचक ने स्कूल में पढ़ने वाले छात्रा के परिवार के बच्चों और ग्रामीणों के बयान भी दर्ज किए। आरोपी बस चालक और प्रबंधक नरेंद्र सिंह दूसरे दिन भी पुलिस के हाथ नहीं आ सका। उसकी गिरफ्तारी के लिए तीन टीम को लगाया गया है।
नगला लाले निवासी दूध व्यापारी ब्रह्मजीत की नौ साल की बेटी कक्षा एक की छात्रा थी। बुधवार दोपहर को स्कूल की छुट्टी के बाद बस से घर आ रही थी। गांव नगला बिहारीपुर मोड़ के पास स्पीड ब्रेकर से उछलकर सीट गिर गई थी। बस की फर्श टूटी हुई थी। उस पर लकड़ी का पटरा लगाया गया था। ब्रेकर पर पटरा हटने से छात्रा सड़क पर गिरी और बस के पहिये के नीचे आ गई।
इससे उसकी मौत हो गई थी। स्कूल का प्रबंधक नरेंद्र सिंह ही बस को चला रहा था। वह छात्रा को सड़क पर छोड़कर भाग गया था। बाद में दो कर्मचारियों से उसे अस्पताल भेजा था। घटना की जानकारी पर पुलिस और आरटीओ की टीम पहुंची थी। रात करीबन 11 बजे बस को एक प्लॉट से बरामद किया था। एडीसीपी पश्चिमी जोन आदित्य सिंह ने बताया कि बस पर नंबर नहीं था।
उसका पंजीकरण भी नहीं कराया था। इस मामले में पिता की तहरीर पर लापरवाही से मृत्यु के मामले में प्राथमिकी दर्ज की थी। इस मामले में विवेचक ने बस में सवार मृतक छात्रा के भाई-बहन सहित अन्य बच्चों के बयान लिए गए। उन्होंने बताया कि बस काफी खटारा थी। फर्श कई जगह से टूटी हुई थी। प्राथमिकी में लापरवाही से मृत्यु के मामले की धारा को गैर इरादतन हत्या की धारा में तरमीम किया गया है।