मथुरा में 40 बच्चों से भरी स्कूल बस को बाइक सवार बदमाशों ने हाईजैक कर लिया। अपहरणकर्ता बस को राजागढ़ी की ओर से ले गए। उन्होंने चालक के साथ मारपीट की और परिचालक सहित कई बच्चों को रास्ते में उतार दिया।
सूचना के बाद पहुंची पुलिस ने बस और बच्चों को सकुशल बरामद कर लिया। हालांकि पुलिस इस पूरे प्रकरण को फर्जी बता रही है। जबकि चालक ने पुलिस को तहरीर दी है।
शुक्रवार की सुबह डायमंड स्कूल की बस गांव शहजादपुर से बच्चों को लेकर कोसी की ओर चली। बस में करीब 40 बच्चे सवार थे। बस को गांव बढ़ा निवासी धर्मेंद्र चला रहा था।
बस जैसे ही गांव रूपनगर के समीप पहुंची, तभी एक बाइक पर सवार तीन युवकों ने बस को ओवरटेक कर रोक लिया। चालक के साथ मारपीट कर बस को राजागढ़ी की ओर ले जाने लगे।
युवकों ने परिचालक रमेश और कुछ बच्चों को रास्ते में उतार दिया। तभी किसी ने 100 नंबर पर पुलिस को बस के अपहरण होने की सूचना दी। इससे पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया।
मौके पर पहुंची पुलिस ने बस को गांव राजागढ़ी के समीप पकड़ लिया। पुलिस बस एवं बच्चों को थाने ले गई। अभिभावक भी थाने पहुंच गए। बस चालक धर्मेंद्र ने अज्ञात लोगों के खिलाफ बस को हाईजैक कर ले जाने की तहरीर दी है।
वहीं, बताया जाता है कि गुरुवार की शाम मां चंद्राबलि विद्यापीठ स्कूल, गांव राजागढ़ी और डायमंड पब्लिक स्कूल कोसी की बस आपस में टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई थीं।
बच्चे बोले, उन्हें डरा रहे थे अपहरणकर्ता
चंद्राबलि स्कूल की बस का चालक घायल हो गया था। बाद में दोनों पक्षों में आपसी बातचीत होने के बाद मामला सुलझ गया था। चंद्राबलि स्कूल के प्रबंधक किशन सिंह ने दुर्घटना की तहरीर पुलिस को दी थी।
बस के अपहरण होने की खबर लगते ही बस में सवार बच्चों में हड़कंप मच गया। बस में सवार बच्चे विष्णु, राहुल, भाना, अभिषेक, सुमित, दुर्गेश, सपना, चंचल, कोमल, प्रवीन, प्रमोद का कहना था कि युवकों ने कुछ बच्चों को रास्ते में उतार दिया, जब तक पुलिस पहुंची तो बस में केवल सात बच्चे रहे। वे उन्हें डरा रहे थे कि चुप रहे बोले तो मारेंगे।
कोसी के एसआई नरेंद्र कुमार का कहना है कि बस दुर्घटना की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। बस के हाईजैक की खबर सही नहीं है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।