फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गजब का फर्जीवाड़ा: एक ही क्लास की किताबें, हर स्कूल में कीमत अलग-अलग; रेट सुन छूट रहे अभिभावकों के पसीने

Sat, 28 Mar 2026 11:47 AM IST
Dhirendra Singh अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

निजी स्कूलों में कमीशन के खेल के चलते एक ही कक्षा की कॉपी-किताबों के दाम में हजारों रुपये का अंतर सामने आया है। अभिभावकों पर किताब, यूनिफॉर्म और फीस मिलाकर भारी आर्थिक बोझ पड़ रहा है, जबकि कई जगह पूरा सामान भी उपलब्ध नहीं कराया जा रहा।
 
विज्ञापन
बुक डिपो पर प्रदर्शन - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

नए शैक्षणिक सत्र का आगाज हो चुका है। अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों में कमीशन के खेल में अभिभावकों से जमकर लूट की जा रही है। अलग-अलग विद्यालयों में पढ़ने वाले एक ही कक्षा के विद्यार्थियों की किताबों के रेट में डेढ़ से तीन हजार रुपये का अंतर है जबकि सभी विद्यालय राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के तहत पढ़ाई कराने का दावा कर रहे है।
विज्ञापन


 

नए सत्र की शुरूआत के साथ ही अभिभावकों का उत्पीड़न शुरू हो गया। किताबें, यूनिफॉर्म, बैग, फीस मिलाकर प्रति छात्र 30-35 हजार रुपये का खर्च आ रहा है। अगर घर में दो बच्चे हैं तो अभिभावकों को एक ही महीने में 60-70 हजार रुपये की अतिरिक्त व्यवस्था करनी पड़ रही है। इन स्कूलों ने कॉपी-किताब, यूनिफॉर्म और जूते-मोजे तक की खरीद के लिए दुकानें तय कर रखीं हैं, जहां एक रुपये की छूट भी नहीं मिलती।

 

कीमत पूरी लेकिन सामान अधूरा
स्कूलों से ठेका लेने के बाद जब ये दुकानदार आपूर्ति नहीं दे पा रहे हैं तो अभिभावकों को स्कूल से ही किताबें मिलने का आश्वासन दिया जा रहा है। वजीरपुरा रोड स्थित स्कूल की कक्षा 9 की कंप्यूटर साइंस की किताब आधे से अधिक विद्यार्थियों को नहीं मिल सकी है। एक अन्य विक्रेता ने भी 952 रुपये वसूलने के बाद एक्टिविटी किट स्कूल से देने की बात कही। एक स्कूल में कक्षा 6 के बच्चों की यूनिफॉर्म बदल दी गई। 3400 रुपये लेने के बाद दुकानदार की ओर से दो सूट, दो कोटी, दो जोड़ी मोजे और दो स्ट्रेच बैंड दिए गए। हाउस यूनिफॉर्म स्कूल से ही दी जाएगी। यही यूनिफॉर्म अन्य विक्रेता 400-500 रुपये में उपलब्ध करा रहे हैं। दो सेट 1000 रुपये में मिल रहे हैं, लेकिन स्कूल प्रति छात्र 2400 रुपये तक कमीशन ले रहे हैं।

 

सिर्फ किताबें नहीं दे रहे दुकानदार
अभिभावक अंकुर गौतम ने बताया कि दुकानदार से केवल किताबें मांगीं, लेकिन इनकार कर दिया। वह कॉपी-किताबों का पूरा सेट दे रहे हैं। बाहर वही कॉपियां आधे दाम में मिल रही हैं।

 

एक विषय की 4-4 कॉपियां
अभिभावक ज्योति का कहना हा कि स्कूल में हर टर्म में प्रत्येक विषय की नई कॉपी बनवाई जाती है जबकि पुरानी कॉपी में पन्ने शेष होते हैं। चार-चार कॉपियां जबरन दी जा रहीं हैं, जबकि इनकी जरूरत नहीं है।

 
विज्ञापन

स्कूल कक्षा बुक सेट की कीमत
दिल्ली पब्लिक स्कूल             5             9,505
सेंट पैट्रिक्स जूनियर कॉलेज 5             6,828
शिवालिक कैंब्रिज स्कूल            5             6,352
सेंट एंथनीज जूनियर कॉलेज 5             5860
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें