जालसाजी कर तैयार किया था अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र
-जांच में प्रमाण पत्र पर अंकित नंबर भी निकला था फर्जी
संवाद न्यूज एजेंसी
मैनपुरी। विकास खंड जागीर की ग्राम पंचायत गोशलपुर गहियर की ग्राम प्रधान ने जालसाजी कर अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र बनाया था। जो नंबर जाति प्रमाण पत्र पर अंकित था उस नंबर पर कोई जाति प्रमाण पत्र भोगांव तहसील से जारी ही नहीं हुआ था। इसी के चलते एसडीएम न्यायिक न्यायालय में प्रधान पद पर निर्वाचन निरस्त कर दिया गया।
2021 में हुए पंचायत चुनाव में गोशलपुर गहियर अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित थी। इसमें गांव रूपपुर निवासी किशोरी देवी पत्नी राजेश कुमार अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र लगाकर चुनाव मैदान में उतरी थीं। उनके पति की जाति गड़रिया थी, जो अन्य पिछड़ा वर्ग में आती है। चुनाव में जीत के बाद गोशलपुर गहियर निवासी गंगा देवी पत्नी किशनलाल ने उनके जाति प्रमाण पत्र को चुनौती दी थी। मामले की जांच में किशोरी देवी के पति की जाति गड़रिया और पिता की भी जाति गड़रिया होने की बात सामने आई। ऐसे में अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र जिला स्तरीय समिति ने 21 सितंबर 2022 को उनका जाति प्रमाण पत्र निरस्त कर दिया था।
जांच हुई तो पता चला कि जो नंबर जाति प्रमाण पत्र पर अंकित है उस नंबर पर तहसील भोगांव से कोई प्रमाण पत्र जारी ही नहीं हुआ है। ऐसे में ये साफ हो गया कि कंप्यूटर के माध्यम से जालसाजी कर नकली प्रमाण पत्र तैयार किया गया था। इसी के चलते एसडीएम न्यायिक नितिन कुमार ने प्रधान का चुनाव निरस्त करते हुए पद रिक्त घोषित कर दिया।
आयोग के आदेश पर दोबारा होगा चुनाव
ग्राम पंचायत गोशलपुर गहियर में प्रधान का पद रिक्त होने के बाद यहां दोबारा चुनाव कराना होगा। इसके लिए चुनाव आयोग के आदेश का इंतजार प्रशासन करेगा। आयोग के आदेश पर यहां चुनाव कराया जाएगा। चुनाव होने तक जिलाधिकारी के आदेश पर तीन सदस्यीय समिति का गठन किया जाएगा, जो विकास कार्यों का संचालन नए प्रधान के निर्वाचन तक या जिलाधिकारी के आदेश तक कर सकेगी।