हेमा पेट्रोल पंप से पश्चिम पुरी चौराहा जाने वाली सड़क। अमर उजाला
आगरा नगर निगम के अफसरों ने सड़क चौड़ीकरण के नाम पर 50 लाख से अधिक का घोटाला कर डाला। जिस सड़क का निर्माण कार्य महज 53.92 लाख रुपये से होना था, उसके लिए निगम ने 1.50 करोड़ रुपये से अधिक के दो टेंडर निकाले और अपने चहेतों को लाभ पहुंचाने के लिए 1.04 करोड़ में काम देकर भुगतान भी कर दिया। अमर उजाला की नगर निगम के दस्तावेजों की पड़ताल में इस बात का खुलासा हुआ है।
शासन की ओर से 15वें वित्त आयोग के तहत नगर निगम को करोड़ों रुपये क्षेत्र में विकास कार्य कराने के लिए जारी किए गए थे। इसी के तहत मिली राशि से निगम को लोहामंडी वार्ड में हेमा पेट्रोल पंप से पश्चिमपुरी चौराहे तक सड़क का चौड़ीकरण करते हुए डामरीकरण किया जाना था। इसके अलावा इसी सड़क के दोनों ओर कच्चे फुटपाथ पर इंटरलॉकिंग टाइल्स बिछाने का कार्य भी कराना था।
इस पूरे काम के लिए 15वें वित्त आयोग की कमेटी ने 53.92 लाख रुपये का बजट निर्धारित किया था। कमेटी की मंजूरी के बाद भी अफसरों ने खेल करते हुए एक काम को दो में बदल दिया। निगम ने सड़क चौड़ीकरण-डामरीकरण और इंटरलॉकिंग के दो अलग-अलग टेंडर निकाले। चौड़ीकरण-डामरीकरण के लिए 70.94 लाख का टेंडर निकालकर मेसर्स अक्षत कंस्ट्रक्शन को 53.92 लाख रुपये में काम आवंटित कर दिया।
वहीं, इंटरलॉकिंग बिछाने के काम के लिए 79.38 लाख का टेंडर जारी कर 50.90 लाख रुपये में मेसर्स एसके विरानी फर्म को ठेका दे दिया। काम होने के बाद इन फर्मों को भुगतान भी कर दिया गया। ठेकेदारों और अफसरों की मिलीभगत से पिछले वित्तीय वर्ष में हुए इस घोटाले पर महापौर से लेकर नगर आयुक्त तक चुप्पी साधे हुए हैं।
मामले में नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल व्यस्तता का हवाला देकर जवाब नहीं दे सके। उनके निर्देश पर निगम के निर्माण विभाग के एक्सईएन अरविंद श्रीवास्तव ने बताया कि विकास कार्य उनकी तैनाती से पहले का है। हेमा पेट्रोल पंप से पश्चिमपुरी चौराहे तक सड़क चौड़ीकरण के बाद साइड पटरी पर इंटरलॉकिंग टाइल्स से निर्माण के प्रकरण की जानकारी है। यह कार्य 50.90 लाख में हुआ था। सड़क चौड़ीकरण की फाइल देखने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
जानकारी कर कमेटी से कराएंगे जांच
मामले की जानकारी नहीं है। अगर 15वें वित्त की कमेटी से मंजूरी लेने के बाद टेंडर व कार्ययोजना में गड़बड़ी की गई है तो उच्च स्तरीय कमेटी गठित कर जांच कराई जाएगी। मुख्यमंत्री के विजन के अनुरूप भ्रष्टाचार के मामले में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए सख्त कार्रवाई की जाएगी। -हेमलता दिवाकर कुशवाह, महापौर
इस कमेटी ने दी थी निर्माण को मंजूरी
15वें वित्त की ग्रांट से होने वाले कार्यों की मंजूरी के लिए पांच सदस्यीय कमेटी गठित की जाती है। साल 2023-24 में हुए इस कार्य को मंजूरी देने वाली कमेटी की अध्यक्ष महापौर हेमलता दिवाकर थीं। वहीं, कमेटी में पीडब्ल्यूडी के अधीक्षण अभियंता, एडीए उपाध्यक्ष चर्चित गौड़ व डीएम नवनीत सिंह चहल सदस्य जबकि नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल संयोजक थे।