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UP: तीन महिलाएं 52 बार बनी मां, 9 बार हुई नसबंदी...जननी सुरक्षा योजना में बड़ा घोटाला, हड़प ली सरकारी रकम

Fri, 11 Apr 2025 02:29 AM IST
अरुन पाराशर संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा

सार

जननी सुरक्षा योजना में बड़ा घोटाला सामने आया है। तीन साल में तीन महिलाओं को 52 बार प्रसव हुआ। इन महिलाओं की 9 बार नसंबदी भी हुई। इस घोटाले के सामने आने के बाद अधिकारियों ने अपनी जांच तेज कर दी है।

 
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गिरफ्तार आरोपी। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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जननी सुरक्षा योजना व नसबंदी में एक और चौंकाने वाला घोटाला सामने आया है। दो गांवों की तीन और महिलाओं के 52 बार प्रसव और 9 बार नसबंदी दर्शाते हुए सरकारी रकम हड़प ली। इसमें 55 वर्षीय एक महिला की तो 22 साल पहले ही नसबंदी हो चुकी है। इसका भी 3 साल में 18 बार प्रसव और 3 बार नसबंदी दिखा दी।
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स्वास्थ्य विभाग की जांच में 2021-22 और 2022-23 सत्र में फतेहाबाद के नगला कदम निवासी सुनीता और मछला देवी के नाम से 18 प्रसव, 3 नसबंदी और रसूलपुर की राजकुमारी के नाम से 17 बार प्रसव और 3 बार नसंबदी दिखाते हुए 31,000-31,000 रुपये और 29,800 रुपये खाते में आए। इनकी जांच करने के लिए टीम गांव पहुंची, जिसमें पता चला कि सुनीता (55) पत्नी दीपचंद की 36 साल पहले शादी हुई थी। दो बेटे एक बेटी हैं और तीनों की शादी हो चुकी है। सबसे छोटा बेटा 22 साल है।

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इसी गांव की मछला देवी पत्नी रतन सिंह की शादी 22 वर्ष पहले हुई थी। तीन पुत्र एक पुत्री है। 15 साल पहले ही नसबंदी हो चुकी है। रसूलपुर निवासी राजकुमारी के नाम पर पर 17 बार प्रसव और तीन बार नसबंदी दर्शाया है। पूछताछ में इन्होंने इससे अनभिज्ञता जताते हुए मुख्य आरोपी नगला कदम निवासी अशोक की ओर से खाता खुलवाने की जानकारी दी। इनको कोई धनराशि नहीं मिली है। 

फतेहाबाद सीएचसी अधीक्षक डॉ. प्रमोद कुशवाहा का कहना है कि संदिग्ध खातों की जांच की जा रही है। नगला कदम में तीन और संदिग्ध खातेदारों की जांच कराई है। इसमें तीनों ने स्वयं सहायता समूह चलाने वाले अशोक के जरिए खाते खुलवाने की जानकारी दी। 

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दरअसल, जननी सुरक्षा योजना तथा नसबंदी का सारा रिकॉर्ड ब्लॉक कार्यक्रम मैनेजर पर रहता है। पोर्टल पर एंट्री का काम डाटा एंट्री ऑपरेटर का होता है और रुपये डालने का काम ब्लॉक लेखा मैनेजर के जरिए होता है। अधीक्षक स्तर से इस पर मॉनिटरिंग करना संभव नहीं होता है।

 
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तीन आरोपी भेजे जेल, डेटा ऑपरेटर फरार
नसबंदी व प्रसव घोटाले के सरगना समेत दो स्वास्थ्य संविदा कर्मचारियों को केस दर्जकर जेल भेज दिया है। डेटा एंट्री ऑपरेटर गौतम सिंह को पुलिस अभी तक पकड़ नहीं सकी है। ये फरार चल रहा है। सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव की तहरीर पर चार के खिलाफ बुधवार को धारा 318 (4), 338, 336(3), 340 (2), 61( 2) 316(5 ) बीएस के तहत केस दर्ज कराया था। बृहस्पतिवार को थाना फतेहाबाद पुलिस ने अशोक पुत्र हरिश्चंद्र निवासी नगला कदम फतेहाबाद, ब्लॉक लेखा प्रबंधक नीरज अवस्थी और ब्लॉक कार्यक्रम प्रबंधक गौरव थापा को जेल भेज गया है।
 
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