सावन का अंतिम सोमवार विशेष योग संयोग के लेकर आ रहा है। इस दिन प्रदोष वृत का संयोग बन रहा है। इसके अलावा रवि योग, आयुष्मान योग, सौभाग्य योग, सर्वार्थ सिद्धि योग का भी संयोग बन रहा है। वहीं उत्तराषाढ़ा नक्षत्र भी इस दिन है। भक्तों ने भोले नाथ को मनाने के लिए अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं। बाजार से आवश्यक सामग्री की खरीदारी की। वहीं उपवास के लिए फलाहार का सामान खरीदा।
ज्योतिष की मानें तो सावन के अंतिम सोमवार को प्रदोष वृत का होना काफी शुभ माना जाता है। वहीं रवि योग को शुभ कार्य, व्रत, पूजा आदि के लिए बहुत ही शुभ माना जाता है. इस योग में किए पूजा-पाठ से मान-सम्मान और धन-समृद्धि में बढ़ोतरी होती है। रवि योग मध्यरात्रि 02:43 बजे से 29 अगस्त को सुबह 05:57 बजे तक रहेगा। आयुष्मान योग प्रात:काल से लेकर सुबह 09:56 तक, सौभाग्य योग सुबह 09:56 से पूरी रात तक, सर्वार्थ सिद्धि योग मध्यरात्रि 02:43 से 29 अगस्त को सुबह 05:57 तक रहेगा।
उत्तराषाढ़ा नक्षत्र देर रात 2 बजकर 43 मिनट तक रहेगा। भक्तों में सावन के अंतिम सोमवार को लेकर उत्साह है। पूर्व संध्या से ही भक्त तैयारियों में जुट गए। शिव भक्तों ने पूजा अर्चना के सामान की बाजार से खरीदारी की। बाजार से व्रत रखने के लिए सामान खरीदा गया। लोगों ने बाजार से फल, कूटू, सहित अन्य उपवास के सामन की खरीदारी की। शिव मंदिरों पर भी साफ सफाई की गई।
इस तरह से करें भोले नाथ की पूजा
ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान व ध्यान से निवृत होकर हाथ में अक्षत लेकर व्रत का संकल्प करना चाहिए। इसके बाद पास के शिवालय में जाकर शिवलिंग पर गंगा जल, बेल पत्र, सुपारी, फूल, फल, भांग, धतूरा आदि पूजा की चीजें अर्पित करें और विधि विधान के साथ शिव पूजा करें। सोमवार व्रत में कथा सुनना अनिवार्य माना जाता है। कथा सुनने के बाद शिव मंत्रों का जप करें और प्रार्थना करें। इसके बाद प्रदोष काल में भी शिव पूजन करें और मंत्रों का जप करते हुए आरती उतारें।
ज्योतिषाचार्य मुकुंद बल्लभ भट्ट ने बताया कि सावन मास के अंतिम सोमवार को प्रदोष वृत एवं रवि योग सहित अन्य योगों का संयोग बनना बन रहा हैं। इस योग के बनने से भक्तों पर भोले बाबा की विशेष कृपा रहेगी।