कासगंज। सावन के दूसरे सोमवार को सर्वार्थ सिद्घ एवं अमृत सिद्घ योग बन रहा है। वहीं इस दिन प्रदोष व्रत का भी संयोग बन रहा है। जिससे ज्योतिष काफी शुभ मान रहे हैं। भक्तों ने दूसरे सोमवार को भगवान शिव की पूजा एवं उपवास करने के लिए अपनी तैयारियां पूरीवकर ली है। मंदिरों में भी पूजा को लेकर व्यवस्थाएं बनाई गई हैँ।
इस साल सावन का महीन कई संयोग लेकर आया है। सावन के दूसरे सोमवार का दिन भी इस दिन विशेष हो गया है। सोमवार का दिन तो भगवान शिव का है ही इसके साथ ही प्रदोष का व्रत भी भगवान शिव के लिए रखा जाता है। यह व्रत प्रत्येक माह में त्रियोदशी के दिन रखा जाता है। माह की दोनों त्रियोदशी को यह व्रत रखा जाता है। इसबार सावन मास में संयोग से यह तिथि सोमवार को पड़ रही है। जिससे सावन के इस दूसरे सोमवार का महत्व और बढ़ गया है। सावन के दूसरे सोमवार को देखते हुए पूर्व संध्या से ही भक्त तैयारियों में जुट गए। भक्तों ने बाजार से पूजा एवं उपवास के लिए सामान की खरीदारी की। जिससे इनके विक्रेताओं की दुकानों पर भीड़ देखी गई। वहीं जिन लोगों को प्रदोष का व्रत रखना है उनके द्वारा भी अपनी तैयारियों को पूरा कर लिया गया है। शिव मंदिरों में भी सफाई आदि का कार्य देर सांय से शुरू हो गया। पूजा सामग्री बिक्री करने वाले विक्रेता भी मंदिरों के आसपास अपने स्टॉल लगाने के लिए सक्रिय हो गए। उनके द्वारा स्टॉल लगाने शुरू कर दिए गए।प्रदोष व्रत पूजा विधिसावन के पहले प्रदोष व्रत के दिन देवी पार्वती, भगवान गणेश, भगवान कार्तिकेय और नंदी के साथ भगवान शिव की पूजा की जाती है। इसके बाद एक अनुष्ठान होता है जहां भगवान शिव की पूजा की जाती है। शिवलिंग को दूध, दही और घी जैसे पवित्र पदार्थों से स्नान कराया जाता है। उपवास रखने पर सुबह दूध का सेवन कर सकते हैं या दूध से बनी चीजें दही, श्रीखंड या पनीर खा सकते हैं। शाम को या अगले दिन जब आप अपना व्रत खोले तो हरे मूंग का सेवन करें, क्योंकि हरा मूंग पृथ्वी तत्व है और मंदाग्नि को शांत रखता है।
सावन के सोमवार को शिव पूजा की सामग्री
जल कलश, गंगा जल, कच्चा दूध, दही, घी, शहद, चीनी, केसर, वस्त्र, चंदन, रोली, चावल (अक्षत) फूलमाला, फूल, जनेऊ, इत्र, बेलपत्र, आंक, धतूरा, भांग, कमल गट्टा, पान, लौंग, इलायची, सुपारी, धूप, दीप, अगरबत्ती, माचिस, कपूर, फल, मेवा, मिठाई, नारियल, दक्षिणा के पैसे आदि पूजा सामग्री प्रयोग की जाती है। यह व्रत तीसरे प्रहर खोला जाता है। इसमें दिन में फलाहार कर सकते है। इस दिन सात्विक भोजन करना चाहिए।
सावन के दूसरे सोमवार का इसबार काफी महत्व है। इस दिन दो योग बनने के साथ ही त्रियोदशी तिथि भी पड़ रही है। जिससे इस दिन प्रदोष व्रत भी रखा जाएगा। इन संयोगों के चलते भगवान शिव की पूजा करने से भक्तों को विशेष फल मिलेगा- मुकुंद बल्लभ भट्ट ज्योतिषाचार्य