सावन के माह में भगवान भोलेनाथ के प्रति बढ़ती आस्था का गवाह लहरा गंगाघाट और तीर्थनगरी बनी हुई है। हर तरफ कांवडिय़ों का जमघट, शिव की आस्था के साथ देश प्रेम और तन पर केसरिया वस्त्र पहने भोलेभक्त तेजी से आस्था की डगर पर चल रहे हैं।
5151 गंगाजली की कांवड़ लेकर आगरा के कांवडिय़ों का जत्था जब बाजारों की ओर से गुजरा तो तिरंगा रंग में रंगी कांवड़ स्वत: ही लोगों को मोह रही थी। बच्चे और महिलाएं ही नहीं बल्कि शरीर से दुर्लभ दिव्यांग युवाओं में भी कांवड़ यात्रा की दीवानगी दिख रही है।
लहरा गंगाघाट और तीर्थनगरी का नजारा पूरी तरह केसरिया हो गया है। सावन के अंतिम सोमवार को भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करने के लिए दूर दराज के कांवडिय़े लहरा गंगाघाट से कांवड़ भरकर ले जा रहे हैं।