बसपा के कार्यों को गिनाया
उन्होंने कहा कि यह पहला मौका नहीं है कि अब हम वृंदावन संतों के पास आए, बचपन से वृंदावन से हमारा नाता रहा है। बताया कि 2006 में सरकार में आने के बाद बसपा मुखिया बहन मायावती ने वृंदावन के समग्र विकास के लिए तीन सौ करोड़ की योजना दी। आज जो यहां विकास दिख रहा है, वह बसपा की देन है।
बसपा महासचिव ने मथुरा-वृंदावन और अयोध्या के लिए किए गए अपने कार्यों को गिनाया। उन्होंने किसी का नाम लिए बगैर कहा कि कुछ लोग केवल राम का नाम लेते हैं। सीताराम कहने में उन्हें डर लगता है। जबकि राम सीता के बिना अधूरे हैं।
उनकी सरकार ने केवल मथुरा अयोध्या ही नहीं बल्कि जहां सीता मां रहीं उस बिठूर में भी करोड़ों रुपये के विकास कार्य कराए थे। दावा किया कि उनकी सरकार 2007 में जितनी सीटों पर जीत कर आई थी। इस बार उससे भी ज्यादा सीटों पर जीत कर प्रदेश में सरकार बनाएगी।
मांट क्षेत्र के विधायक पंडित श्याम सुंदर शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि संतों का आशीर्वाद रहा तो हम फिर से प्रदेश की सत्ता में आएंगे। ललित शर्मा ने कार्यक्रम आयोजन में महती भूमिका निभाई। इस मौके पर महामंडलेश्वर बालयोगेश्वरानंद, राघवेंद्र बाबा, पुरुषोत्तमाचार्य, डॉ. गोपाल चतुर्वेदी, रमेशदत्त गौड़, पूर्व मंत्री नकुल दुबे, फरीदाबाद के विधायक टेकचंद, डॉ. मनोज मोहन शास्त्री, श्रीकृष्ण शास्त्री, मोहिनी बिहारी शरण आदि ने सतीश चंद्र मिश्रा का स्वागत किया।