पेड़ों के अंधाधुंध कटान और फोरलेन की भेंट चढ़ी हरियाली के बाद सेटेलाइट से कासगंज जिले की चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है। सेटेलाइट सिस्टम से कासगंज का ग्रीन कवर गायब हो गया है। वन विभाग ने शासन के साथ-साथ पर्यावरण मंत्रालय को रिपोर्ट भेजी है, जिसमें पर्यावरण को लेकर चिंता जताई है।
स्पष्ट किया है कि सेटेलाइट से कासगंज का ग्रीन कवर गायब होने का कारण फोरलेन के लिए पेड़ काटे जाना है। फोरलेन के लिए काटे गए पेड़ों के कारण कासगंज जिले की सीमा में एक बड़ा वन क्षेत्र कम हो गया।
पेड़ काटे जाने से पहले सेटेलाइट पर कासगंज-बरेली मार्ग की हरियाली का एक बड़ा क्षेत्रफल दिखाई देता था, लेकिन पेड़ काटने के बाद सेटेलाइट से यह हरियाली क्षेत्र गायब हो गया है। इससे यह स्पष्ट हुआ है कि कासगंज में हरियाली कम हुई है। हालांकि डीएम सीपी सिंह व वन विभाग के अफसर संयुक्त रूप से पर्यावरण संरक्षण की पहल कर रहे हैं।
चंदनपुर घटियारी में एक बड़ा वन क्षेत्र स्थापित किया है, लेकिन अभी इस वन क्षेत्र के पूर्ण विकसित होने में समय लगेगा। शासन ने वन विभाग से रिपोर्ट मांगी। वन विभाग ने शासन और पर्यावरण मंत्रालय को रिपोर्ट भेज दी है। उसमें स्पष्ट किया है कि फोरलेन के लिए पेड़ काटे जाने से सेटेलाइट से ग्रीनकवर गायब हुआ है।
तहसील क्षेत्रों में नए वन क्षेत्रों की कवायद शुरू
जिले में पर्यावरण संरक्षण को लेकर चिंतित हुए जिला प्रशासन ने नए वन क्षेत्रों की कवायद शुरू की है। डीएफओ दिवाकर वशिष्ठ ने तीनों तहसील क्षेत्रों में वन क्षेत्र विकसित करने के लिए पत्रावली तैयार कर ली है। विभाग अब भूमि चिह्नित कर वन क्षेत्रों की स्थापना करने की तैयारी में है।
पर्यावरण संरक्षण को लेकर शासन-प्रशासन की चिंता अभी और बढ़ेगी क्योंकि पटियाली सोरों के बीच सड़क चौड़ीकरण के काम के लिए एक बड़ा वन क्षेत्र खत्म हो जाएगा। फोरलेन से ज्यादा पेड़ सड़क चौड़ीकरण के लिए काटे जाने हैं। पेड़ काटने का काम शुरू भी हो गया है।
आरएसएस ने शुरू की पहल
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने पर्यावरण संरक्षण को लेकर पहल शुरू की है। संघ के पर्यावरण अखिल भारतीय सह समन्वयक राकेश जैन के दिशा निर्देशन में कासगंज में पर्यावरण के प्रांत प्रमुख डॉ. राधाकृष्ण दीक्षित ने जागरूकता शुरू कराई है। संघ पॉलिथीन हटाओ, पेड़ लगाओ, जल बचाओ के मंत्र पर काम कर रहा है।
आंकड़े की नजर से
- 100 मीटर चौड़ाई का ग्रीन कवर सेटेलाइट से गायब हुआ।
- 12.29 प्रतिवर्ग किलोमीटर जिले के वन क्षेत्र में आई गिरावट।
- 3000 पेड़ फोरलेन के लिए जिले की सीमा में काटे गए।
- 7230 पेड़ पटियाली-सोरों सड़क चौड़ीकरण के लिए काटे जाने हैं।
- 3 नए वन क्षेत्र विकसित किए जाने की है तैयारी।
नए वन क्षेत्र किए जाएंगे स्थापित
डीएफओ दिवाकर वशिष्ठ ने बताया कि सेटेलाइट से ग्रीनकवर गायब हो जाने के बाद शासन ने रिपोर्ट मांगी। हमने रिपोर्ट तैयार कर शासन और पर्यावरण मंत्रालय को भेज दी है। तीनों तहसील क्षेत्रों में वन क्षेत्रों की स्थापना की पहल कर रहे हैं।