आगरा में स्वास्थ्य विभाग ने शुक्रवार को यमुनापार स्थित टेढ़ी बगिया सरोज अस्पताल को सील कर दिया है। टीम के निरीक्षण में चिकित्सक ओपीडी करते मिला, यह चिकित्सक अस्पताल के पैनल में नहीं थे। इनको नोटिस देकर स्पष्टीकरण मांगा है।
17 जुलाई को कालिंदी विहार निवासी बॉबी की पत्नी शालू (24) को कंपाउंडर टिंकू ने इंजेक्शन लगाया था। जिसके बाद शालू की मौत हो गई थी। इसके बाद स्टाफ मरीज-तीमादारों को अंदर बंद कर भाग गया था। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अस्पताल में मरीजों के पर्चे, सीसीटीवी कैमरे की डीबीआर जब्त करते हुए मरीज भर्ती पर रोक लगाई थी।
दो दिन में भर्ती पांच मरीजों को शिफ्ट करने के भी निर्देश दिए। पीड़ित ने जिलाधिकारी के यहां शिकायत की थी कि अस्पताल सील नहीं किया और मरीज देखे जा रहे हैं। इस पर स्वास्थ्य विभाग की टीम शुक्रवार को निरीक्षण करने पहुंची तो यहां डॉ. कैलाश मंगल मरीजों को देखते मिले।
अपंजीकृत डॉक्टर देख रहे थे मरीज
मरीज कोई भर्ती नहीं मिला। डॉ. कैलाश अस्पताल के पैनल में पंजीकृत नहीं थे। पैनल में पंजीकृत हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रेमराज नहीं मिले। टीम ने अस्पताल को सील करते हुए ओपीडी करने वाले चिकित्सक से स्पष्टीकरण नोटिस जारी किया है।
एसीएमओ डॉ. अजय कपूर ने बताया कि अस्पताल सील कर दिया है। इसमें मरीज भर्ती नहीं मिले, लेकिन चिकित्सक ओपीडी करते मिला। यह अस्पताल के पैनल में नहीं थे, इनको भी नोटिस दिया है।
टीम ने शुरू की मरीज के पर्चे की जांच
सरोज अस्पताल से जब्त किए गए इलाज के पर्चों की टीम ने जांच शुरू कर दी है। टीम को इलाज का विवरण अधूरा मिला। पर्चे पर आपरेशन में शामिल एनेस्थीसियन, नर्सिंग स्टाफ का नाम नहीं है। आपरेशन के बाद किस स्त्री रोग विशेषज्ञ की निगरानी में इलाज चला यह भी नहीं है।
पर्चे पर ऑपरेशन करने वाले डॉ. सुभाष सोनी का नाम है, लेकिन ऑपरेशन के बाद वह दोबारा मरीज की जांच करने आए यह भी अंकित नहीं है। इसके अलावा अस्पताल से जब्त की सीसी कैमरे की डीवीआर की भी जांच होगी, इसकी फुटेज देखने के बाद पुलिस को सुपुर्द किया जाएगा।