एक फीसदी एक्साइज ड्यूटी के विरोध में 42 दिनों तक प्रतिष्ठान बंद रखने के बाद सराफा व्यापारियों ने हड़ताल का रास्ता छोड़ दिया है। अब वे एक्साइज रजिस्ट्रेशन कराने लगे हैं। अब तक आगरा और अलीगढ़ में दो-दो सराफा व्यापारी रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं। इसी तरह देश भर में रजिस्ट्रेशन होते देख केंद्र सरकार ने समय सीमा बढ़ाकर एक जुलाई कर दी है।
बता देें कि ऑल इंडिया ज्वैलर्स एसोसिएशन के तीन दिवसीय हड़ताल के आह्वान को व्यापारियाें ने दरकिनार कर एक्साइज रजिस्ट्रेशन कराना शुरू कर दिया है। आगरा के दो बड़े आभूषण निर्माताओं ने एक्साइज रजिस्ट्रेशन करा लिया है, वहीं अलीगढ़ के भी दो बड़े सराफा व्यापारी रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं। मंडल के करीब एक दर्जन व्यापारियों ने रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू की है। रजिस्ट्रेशन कराने वालों की तादात बढ़ सकती है।
सेंट्रल एक्साइज, कस्टम एंड सर्विस टैक्स विभाग के एडिशनल कमिश्नर यशोवर्द्धन पाठक ने बताया कि आगरा, अलीगढ़, मथुरा सहित मंडल भर के सराफा व्यापारियों ने रजिस्ट्रेशन को लेकर उत्साह दिखाया है।
एक जुलाई तक बढ़ाया समय
सालाना छह करोड़ से ज्यादा की बिक्री या मैन्यूफैक्चरिंग करने वाली सराफा इकाइयों को एक मई तक रजिस्ट्रेशन कराना था। मार्च में ही नए कानून को लागू कर दिया गया था, लेकिन सराफा व्यापारियों के विरोध के कारण सरकार ने रजिस्ट्रेशन की समय सीमा एक जुलाई तक बढ़ाई है। कें द्र सरकार ने एक्साइज अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी सराफा प्रतिष्ठान में वह प्रवेश नहीं करेंगे और सराफा व्यापारी सेल्फ असेसमेंट करके जितना टर्नओवर दिखाएंगे, वही मान्य किया जाएगा। जॉब वर्क पर एक्साइज ड्यूटी नहीं लगेगी।