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संत बाबा निरंजन सिंह नहीं रहे, शोक की लहर

Sun, 31 Jul 2016 01:43 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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गुरु का ताल में बाबा के अंतिम दर्शन आज - फोटो : अमर उजाला
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गुरुद्वारा दुख निवारण (गुरु का ताल) के संत बाबा निरंजन सिंह का शनिवार दोपहर देहावसान हो गया। निधन की खबर से सिख समाज में शोक की लहर दौड़ गई। उनके पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शनों के लिए रविवार सुबह आठ बजे गुरुद्वारा स्थित भाई नंदलाल समागम हाल में रखा जाएगा। 11 बजे गुरुद्वारा परिसर में ही अंतिम संस्कार किया जाएगा।
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संत बाबा निरंजन सिंह का जन्म संगरूर (पंजाब) के गांव खेड़ी में हुआ था। पिता मुकंद सिंह थे। स्कूली शिक्षा गांव में ही प्राप्त करने के बाद बाबा ने महज 18 साल की उम्र में परिवार त्यागकर गुरु की सेवा का मार्ग चुना। संत साधु सिंह (मोनी बाबा) के साथ गुरुद्वारा लंगर साहिब हजूर साहिब नादेड़ (महाराष्ट्र) से कार सेवा आरंभ की। इसके बाद वर्ष 1965 में गुरुद्वारा गुरु नानक साहिब धूलिया (महाराष्ट्र) में कार सेवा की। अगस्त 1971 में संत बाबा निरंजन सिंह ने मोनी बाबा के आदेश पर गुरुद्वारा गुरु का ताल में सेवा संभाली। अक्तूबर 1987 में मोनी बाबा के परलोक गमन के बाद बाबा निरंजन सिंह को संगतों ने सेवा सौंपी गई। तभी से वे यहां सेवा संभाल रहे थे। बाबा निरंजन सिंह ने संत बाबा प्रीतम सिंह को साथ लेकर गुरुद्वारे को भव्य स्वरूप प्रदान किया।

कारसेवा के लिए जाने गए
इस दौरान संत बाबा निरंजन सिंह ने संत बाबा प्रीतम सिंह के साथ गुरुद्वारा नानक साहिब बंडा, गुरुद्वारा गुरु नानक शाहजहांपुर, पीलीभीत, गुरुद्वारा छोटे साहिबजादे सितारगंज उत्तराखंड, गुरुद्वारा गुरु नानक बुंगा इंदौर, गुरुद्वारा नानक दरबार कमला नगर में कार सेवा की। 
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