जजमानी प्रथा के सफाई कर्मियों से हुई तकरार के बाद कंपनी के कर्मचारी कचरे लिए बिना ही लौट गए। इससे क्षेत्र के 800 से ज्यादा घरों में डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन प्रभावित हो गया।
आगरा में जजमानी प्रथा के सफाई कर्मचारियों ने महर्षिपुरम समेत कई वार्डों में डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन का काम बंद कर दिया है। नगर निगम ने निजी कंपनी स्वच्छता कॉरपोरेशन को घरों से कूड़ा एकत्र करने की जिम्मेदारी दी है, लेकिन कंपनी की गाड़ियों को घरों तक जजमानी प्रथा के सफाई कर्मचारी नहीं पहुंचने दे रहे। मंगलवार को महर्षिपुरम में जजमानी प्रथा की महिला सफाईकर्मी ने कंपनी के कर्मचारियों के साथ हाथापाई की और काम नहीं करने दिया।
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तकरार के बाद कंपनी के कर्मचारी कचरे लिए बिना ही लौट गए। इससे क्षेत्र के 800 से ज्यादा घरों में डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन प्रभावित हो गया। दयालबाग, भूड़ का बाग, बल्केश्वर तथा शहर की बाहरी सीमा की कॉलोनियों में जजमानी प्रथा के कर्मचारी निजी कंपनी के विरोध में हैं। मंगलवार को महर्षिपुरम में बेबी पुत्री मान सिंह ने स्वच्छता कॉरपोरेशन के ड्राइवर और महिला कर्मचारी को रोककर उसके साथ मारपीट की।
कंपनी के प्रोजेक्ट हेड राजेश कुमार मिश्र ने सिकंदरा थाने में तहरीर दी है कि कंपनी के कर्मचारियों को डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन नहीं करने दिया जा रहा है। उनके साथ मारपीट की गई और गाड़ी में तोड़फोड़ की गई। इससे पहले 13 मई को भी कंपनी सिकंदरा थाने में मारपीट के मामले में शिकायत दर्ज करा चुकी है। इस मारपीट के कारण महर्षिपुरम में घरों से कचरा लेने का काम पूरी तरह से ठप पड़ा हुआ है।
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यह विकल्प सुझाए गए
- स्वच्छता कॉरपोरेशन में नौकरी कर लें
- कॉलोनी से कचरा उठाए, लेकिन कंपनी की गाड़ी को दें
- कंपनी का वाहन मोड़ पर रहेगा, उसमें कचरा डालें
- हर घर से कचरा लेना होगा, चाहे पैसे दे या न दे
घरों से कूड़ा लेने नहीं दे रहे
स्वच्छता कॉरपोरेशन के प्रभारी सुशील सिंह ने बताया कि हमारे कर्मचारियों को वार्डों में घरों से कूड़ा नहीं लेने दे रहे। महर्षिपुरम, गैलाना, ककरैठा क्षेत्र में दुर्व्यवहार, मारपीट के मामलों की पुलिस से शिकायत भी की है, पर पूर्व में काम करते रहे निजी कर्मचारी गाड़ी निकलने नहीं दे रहे। वह कचरा देने को भी तैयार नहीं है।
अड़ंगा डाल रहे निजी कर्मी
पार्षद विक्लेश यादव ने कहा कि डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन में निजी सफाई कर्मचारी अड़ंगा डाल रहे हैं। लोग हमसे शिकायत कर रहे हैं। नगर निगम सख्ती दिखाकर डोर टू डोर कूड़ा एकत्र कराएं या फिर निजी सफाई कर्मचारियों के साथ कोई रास्ता निकालें। लोग बेवजह परेशान हो रहे हैं।
पूर्व पार्षद मुकेश यादव ने कहा कि जजमानी प्रथा के कर्मचारी निजी कंपनी का विरोध कर रहे हैं। नगर निगम या तो उन्हें कंपनी में काम दे दे या फिर कोई अन्य रास्ता निकाले। विवाद के कारण लोग क्यों परेशान हों। पूरी कालोनी कचरे को फेंकने के लिए डलाबघर तक आती है तो वहां गंदगी होने लगती है।
विकल्प दिए गए, नहीं माने तो सख्ती
अपर नगर आयुक्त एसपी यादव ने कहा कि कुछ वार्डों में जजमानी प्रथा के सफाईकर्मी कंपनी को काम नहीं करने दे रहे हैं। उन्हें समझाया गया है। उन्हें विकल्प भी दिए गए हैं। अगर वह नहीं मानेंगे तो सख्ती की जाएगी। डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन को हमें 100 फीसदी तक पहुंचाना है। उनमें कोई व्यवधान डालेगा तो कार्रवाई होगी