एप में ऑटो मोड पर था भुगतान
गेम में हथियार और अन्य सुविधाएं भुगतान करके ली जा सकती है। सेवानिवृत्त फौजी का बेटा गेम खेलता था। इस लत की वजह से उसने गेम में भुगतान कर दिया। ऑटो मोड पर भुगतान करने की वजह से रकम कटती गई। इसका पता काफी समय बाद हुआ। बेटे की वजह से खाते से 39 लाख रुपये निकल गए।
साइबर रेंज थाना के प्रभारी निरीक्षक आकाश सिंह के मुताबिक, सेवानिवृत्त फौजी की तहरीर पर क्रॉफ्टन कंपनी के खिलाफ धोखाधड़ी और आईटी एक्ट में मुकदमा दर्ज किया गया है। विवेचना की जा रही है। साक्ष्य संकलन के बाद कार्रवाई की जाएगी।
बच्चों पर रखें नजर
एसएसपी सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि मोबाइल पर बच्चे ऑनलाइन गेम खेलते हैं। कई बार गेम में सुविधाएं बढ़ाने के लिए रुपयों की मांग की जाती है। मोबाइल में ई वॉलेट भी होते हैं। जब बच्चे गेम में सुविधाएं बढ़ाने के लिए ओके करते हैं तो रकम कटने लगती है। इसका पता बच्चों को भी नहीं चल पाता है।
इसलिए बच्चों को अकेले में गेम खेलने के लिए मोबाइल नहीं देना चाहिए। वह कौन सा गेम खेल रहे हैं, इस पर नजर रखें। जिस मोबाइल में बच्चे गेम खेल रहे हैं, उसमें ई वॉलेट नहीं होना चाहिए। बच्चों को एटीएम कार्ड का नंबर, सीवीवी नंबर और ओटीपी नहीं बताना चाहिए।
पहले भी आए मामले
शहर में यह पहला मामला नहीं है। हरीपर्वत क्षेत्र के व्यापारी के खाते से 30 लाख से अधिक कट गए थे। उन्हें बाद में पता चला था कि बेटे ने गेम खेला है। इसी तरह न्यू आगरा क्षेत्र के एक व्यापारी के खाते से तीन लाख रुपये कट गए थे। उन्हें बैंक जाने पर पता चला था। पुलिस मामले में जांच कर रही है।