वापस लिया जाए ड्यूटी का आदेश
कर्मचारी नेताओं ने निगम के गेट पर ताले लगाने के साथ पूरा ऑफिस खाली करा दिया। महिला कर्मचारियों ने गेट पर धरना दिया और नारेबाजी शुरू कर दी। उत्तर प्रदेश स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ के प्रदेश उपाध्यक्ष विनोद इलाहाबादी ने कहा कि जब सफाईकर्मी सुबह पांच बजे घर से निकलेंगे तो उनके बच्चों को स्कूल कौन भेजेगा।
बड़ी संख्या में महिला सफाई कर्मचारी हैं जिन पर उनके परिवार की भी जिम्मेदारी होती है। बच्चों का टिफिन बनाना, घर का खाना तैयार करना सुबह 4 बजे मुमकिन नहीं। कई सफाई कर्मचारी 10-15 किमी दूर ड्यूटी पर जाते हैं। सुबह पांच बजे उन्हें ऑटो मिलेगा न बस। ताले लगने के कारण निगम में आउटसोर्सिंग पर काम करने वाले कर्मचारी बाहर पार्क में बैठे नजर आए। नगर निगम के अधिकारियों को तालाबंदी के कारण स्मार्ट सिटी कार्यालय में बैठना पड़ा।
महिलाओं को मिलेगी ड्यूटी पर आने की छूट
नगर आयुक्त ने निगम में प्रदर्शन और माहौल खराब होने की जानकारी अपर मुख्य सचिव नगर विकास को दी, जिसके बाद अपर नगर आयुक्त एसपी यादव ने कर्मचारी नेता विनोद इलाहाबादी, हरीबाबू वाल्मीकि, आजाद सिंह, राजकुमार विद्यार्थी को वार्ता के लिए बुलाया और आश्वासन दिया कि जिन महिलाओं के छोटे बच्चे हैं।
उन्हें सुबह पांच बजे की जगह सात बजे ड्यूटी पर आने की छूट दी जाएगी। इस आश्वासन पर दोपहर दो बजे (चार घंटे) तालाबंदी खत्म कर दी गई, लेकिन संगठनों ने चेतावनी दी कि जब तक शासनादेश में सुबह पांच बजे सफाई का आदेश नहीं हटाया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
सुबह 5 बजे ड्यूटी के साथ ये भी आदेश
- हर सप्ताह नालियों की सफाई करनी होगी।
- हर जोन में बीट प्लान तैयार होगा।
- सूखा और गीला कूड़ा अलग-अलग लेना होगा।
- अफसर सुबह 5 से 8 बजे तक निरीक्षण करेंगे।
- निरीक्षण की सेल्फी व्हाटसएप पर भेजनी होगी।
- 24 घंटे कंट्रोल रूम संचालित किया जाएगा।