आरडब्ल्यूए स्वच्छता कॉरपोरेशन के लिए तय 60 रुपये प्रति फ्लैट के रेट पर तैयार हैं, लेकिन वह ढाई गुना की बढ़ोतरी पर असहमत हैं। आरडब्ल्यूए के पदाधिकारियों का आरोप है कि प्रदेश सरकार के एक मंत्री के साले की कंपनी को फायदा पहुंचाने के लिए नगर निगम ने यह करार किया है, जो लोगों पर बोझ डाल रहा है।
पहले जैसी व्यवस्था बनाएं
स्पेस टावर रेजीडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष आरएन खंडेलवाल ने कहा कि स्वच्छता कॉरपोरेशन ने दस दिनों से कचरा उठाना बंद कर दिया है। त्योहार पर कचरे की दुर्गंध से परेशान हैं। निगम में और सीएम पोर्टल पर शिकायत कर दी लेकि कोई कचरा लेने नहीं आ रहा। जैसे पहले कचरा उठता था, वैसे ही उठाएं।
डस्टबिन में डालेंगे कचरा
नीरज निकुंज निवासी अंशुल शर्मा ने कहा कि पुरानी कंपनी को मल्टीस्टोरी से कचरा लेने के लिए मना कर दिया गया है। नई कंपनी के पास गाड़ियां नहीं है। वह करार करने की जिद पर अड़ी है। वह पहले कचरा उठाए, फिर करार करेंगे, अन्यथा डस्टबिन में जाकर ही कचरा डालने का विकल्प है।
एग्रीमेंट पर उठेगा कचरा
अपर नगर आयुक्त एसपी यादव ने कहा कि बहुमंजिला इमारतें, अस्पताल, होटल ये सभी बल्क वेस्ट जनरेटर हैं। इनके यहां से कचरा नेशन वाइड वेस्ट कंपनी को उठाना है। रेजीडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों को इस कंपनी से एग्रीमेंट करना होगा। पहले 6 रुपये किलो का रेट था, लेकिन हमने सहमति बनाकर हर फ्लैट के 150 रुपये तय किए हैं। एग्रीमेंट होगा तो कचरा उठेगा।