मैनपुरी। औषधि निरीक्षक द्वारा जांच के लिए भेजे गए दवाओं के तीन नमूने फेल हो गए। दो इंजेक्शन के नमूनों में ऑक्सीटोसिन की पुष्टि हुई। जांच रिपार्ट आने के बाद औषधि निरीक्षक ने विक्रेता और निर्माता को नोटिस जारी किया है।
औषधि निरीक्षक उर्मिला अग्रवाल ने आठ अप्रैल 2022 को न्यू इंडियन मेडिकल स्टोर, जीटी रोड बेवर से टैबलेट सेफ्ट्रान, 27 अप्रैल 2022 को एवन मेडिको एंड सर्जिको, राजा का बाग से सस्पेंशन अर्सेफ ओ, छह अप्रैल 2022 को बेबी मेडिकल एंड सर्जिकल, स्टेशन रोड मैनपुरी से जेमिनिक सीरप का एक-एक नमूना और सात मई 2022 को विवेक मेडिकल स्टोर करहल पर छापेमारी के दौरान बिना लेबल के मिले दो इंजेक्शन जांच के लिए लैब भेजे गए थे। रिपोर्ट आई तो पता चला कि बिना लेबल के दोनों इंजेक्शन में ऑक्सीटोसिन है जबकि अन्य तीनों दवाएं फेल पाई गईं। इनमें मानक के अनुरूप मात्रा नहीं पाई गई। औषधि निरीक्षक ने चारों दवा विक्रेताओं के साथ ही दवा निर्माता कंपनियों को नोटिस जारी किया है। नोटिस का जवाब आने के बाद न्यायालय में मुकदमा दायर किया जाएगा। औषधि निरीक्षक उर्मिला अग्रवाल ने बताया कि तीन नमूने जांच में फेल हुए हैं तो वहीं दो बिना लेबल के इंजेक्शन में ऑक्सीटोसिन की पुष्टि हुई है।
इन कंपनियों को भेजा नोटिस
तीन दवा निर्माता कंपनियों को नोटिस भेजा गया है। इसमें टैबलेट सेफ्ट्रान बनाने वाली कंपनी एल्थिया यूनिलाइफ लिमिटेड बद्दी, सस्पेंशन अर्सेफ ओ बनाने वाली कंपनी एमरी फार्मासिटीकल्स करनाल और सीरम जेमिनिक बनाने वाली कंपनी जेनिस रेमेडीज प्राइवेट लिमिटेड अलीगढ़ शामिल हैं।