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जिले में 17 हजार किसानों की सम्मान निधि लटकी

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मैनपुरी। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि में खाते से आधार लिंक के बाद अब नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) से आधार लिंक न होना मुसीबत बन गया है। इससे जिले के 17 हजार किसानों की किस्त रुक गई है। कृषि विभाग किसानों को लगातार इस बारे में जानकारी दे रहा है।
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जिले के 3.26 लाख किसान प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि में पंजीकृत हैं। इन किसानों को नियमानुसार किसान सम्मान निधि का लाभ मिलना चाहिए, लेकिन हर बार किसी न किसी नए नियम के चलते हजारों किसानों की सम्मान निधि रुक जाती है।
दो माह पहले आई किसान सम्मान निधि की किस्त में 17 हजार किसानों की किस्त रुक गई। इसमें बैंक में नो योर कस्टमर (केवाईसी) कराने के लिए कहा गया था। कुछ किसानों ने आधारकार्ड जमा कर खाते में केवाईसी कराई भी, लेकिन फिर भी उनका भुगतान नहीं हो सका।
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ऐसे में कृषि विभाग ने जब जानकारी की तो पता चला कि ये समस्या एनपीसीआई से आधार लिंक न होने के कारण आ रही है। जब तक एनपीसीआई से आधार लिंक नहीं होगा, तब तक धनराशि का भुगतान नहीं हो सकेगा। अब विभाग किसानों को एनपीसीआई से आधार लिंक कराने के लिए कह रहा है।
क्या है एनपीसीआई और क्यों आ रही समस्या
एनपीसीआई की शुरुआत भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा ऑनलाइन भुगतान को सुरक्षित बनाने के लिए की है। वर्तमान में सभी भुगतान शासन पब्लिक फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम (पीएफएमएस) के माध्यम से कर रहा है। इससे वे भुगतान नहीं हो पा रहे हैं जो एनपीसीआई पर आधार से लिंक नहीं हैं।
बैंक करेगा आधार लिंक
उप कृषि निदेशक डीवी सिंह ने बताया कि एनपीसीआई से आधार लिंक बैंक करेगा। किसान बैंक जाकर केवाईसी फॉर्म भरकर आधार लिंक कराएं। उन्होंने बताया कि किसान फॉर्म पर लिखकर दें कि उन्हें खाते के साथ ही एनपीसीआई से भी आधार लिंक कराना है। इस संबंध में बैंकों को जानकारी दे दी गई है।
वर्जन
एनपीसीआई पर आधार लिंक न होने के चलते हजारों किसानों के भुगतान में समस्या आ रही है। किसानों को लगातार इसे कराने के लिए अवगत कराया जा रहा है। बैंकों को भी इस संबंध में पत्र भेजा जा रहा है।
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-डीवी सिंह, उप कृषि निदेशक।
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