आगरा। मानवता, प्रेम और विश्व बंधुत्व के प्रतीक बाबा हरदेव सिंह महाराज की स्मृति में बुधवार को समर्पण दिवस का आयोजन किया गया। ताजनगरी में मिशन की शाखाओं अर्जुन नगर, कमला नगर, मधु नगर, शास्त्रीपुरम और ट्रांस यमुना स्थित सत्संग भवनों पर श्रद्धालुओं ने अपने आराध्य को श्रद्धांजलि दी।
मुख्य आयोजन सतगुरु माता सुदीक्षा महाराज एवं निरंकारी राजपिता के सान्निध्य में समालखा (हरियाणा) स्थित आध्यात्मिक स्थल पर हुआ, जिसका सीधा प्रसारण देख भक्त भावविभोर हो उठे। आगरा के संयोजक मुनीश कुमार ने कहा कि वे केवल एक आध्यात्मिक गुरु ही नहीं, बल्कि करुणा और मानवीय संवेदनाओं के सजीव आत्मिक मित्र थे। बाबा का संदेश स्पष्ट था कि ईश्वर की सच्ची भक्ति तभी सार्थक है, जब वह मानव सेवा से जुड़ी हो।
जोनल इंचार्ज एचके अरोरा ने बताया कि बाबा हरदेव सिंह के 36 वर्षों के कुशल नेतृत्व में मिशन ने न केवल आध्यात्मिक ऊंचाइयों को छुआ, बल्कि रक्तदान, पौधरोपण और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में समाज में सकारात्मक क्रांति लाई। कार्यक्रम को सफल बनाने में अर्जुन नगर मुखी अमन महेंद्रू, कमला नगर मुखी जयश्री करमचंदानी, शास्त्रीपुरम मुखी जसवंत सिंह, ट्रांस यमुना मुखी सोना धनवानी और सेवादल के क्षेत्रीय संचालक महेश चौहान ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
-दीवार रहित संसार का देखा था स्वप्न
श्रद्धांजलि सभा में वक्ताओं ने कहा कि बाबा ने दीवार रहित संसार और वसुधैव कुटुंबकम का जो स्वप्न देखा था, उसे आज सतगुरु माता सुदीक्षा महाराज पूरी प्रखरता के साथ आगे बढ़ा रही हैं। यह दिवस उनके बताए एक को जानो, एक को मानो, एक हो जाओ के मार्ग पर चलने के संकल्प का दिन है।