डाॅ. आकाश अग्रवाल।
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उत्तर प्रदेश विधान परिषद चुनाव के लिए समाजवादी पार्टी (सपा) ने शनिवार को आगरा शिक्षक खंड से मौजूदा एमएलसी डॉ. आकाश अग्रवाल को अपना प्रत्याशी घोषित किया है। पिछली बार निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में जीत दर्ज कर विधान परिषद पहुंचने वाले डॉ. अग्रवाल इस बार सपा के चुनाव चिह्न साइकिल पर चुनावी मैदान में उतरेंगे। शनिवार को लखनऊ में सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उनके नाम की औपचारिक घोषणा की। शिक्षक वर्ग में डॉ. आकाश अग्रवाल की मजबूत पकड़ मानी जाती है। उनके नाम के एलान के बाद स्थानीय सपाई खेमे में खासा उत्साह है।
डॉ. अग्रवाल ने कहा कि वित्तविहीन विद्यालय के शिक्षकों को मानदेय देने का एलान सपा ने ही किया है। वह शिक्षक हित में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता की तरह काम करेंगे। उन्होंने दावा किया कि 2027 में सब मिलकर सपा की सरकार बनाएंगे। शिक्षक एमएलसी प्रभारी डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि पार्टी यह चुनाव पूरी ताकत से लड़ेगी। उन्होंने कहा कि सपा पीडीए की आवाज बुलंद करने के साथ ही शिक्षकों, कर्मचारियों और युवाओं के रोजगार से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठा रही है।
मौजूदा एमएलसी को प्रत्याशी बनाए जाने पर सपा जिलाध्यक्ष ऊदल सिंह कुशवाहा, महानगर अध्यक्ष शब्बीर अब्बास, प्रदेश सचिव राहुल चतुर्वेदी, महासचिव संतोष पाल बघेल, पवन प्रजापति, रामसहाय यादव, राजपाल यादव और कुसुमलता यादव समेत अन्य पदाधिकारियों ने हर्ष व्यक्त किया है। नेताओं ने इसे चुनावी रणनीति के लिहाज से संगठन में नई ऊर्जा का संचार बताया है। सियासी मायने में सुरक्षित दांव सियासी पंडितों का कहना है कि सपा ने मौजूदा निर्दलीय एमएलसी डॉ. आकाश अग्रवाल को अपने पाले में लाकर एक जीते हुए चेहरे पर सुरक्षित दांव खेला है। इस कदम के जरिए आगरा जैसे क्षेत्र में महज पारंपरिक वोट बैंक तक सीमित न रहकर, शिक्षक व बौद्धिक वर्ग में सपा की सीधी पैठ बनाने की आक्रामक और रणनीतिक कोशिश की गई है।