मनकेंडा, मलपुरा निवासी रामफल पिछले चार महीने से सदर तहसील के चक्कर काट रहे हैं। कुछ दबंगों ने गांव आम रास्ते पर कब्जा कर लिया है। इससे तमाम किसानों के आने-जाने का रास्ता बंद हो गया है। वह इसे मुक्त कराने के लिए कई बार अपना प्रार्थनापत्र दे चुके हैं लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हुआ है।
केस दो:तीन तलाक पीड़िता की दो माह से सुनवाई नहीं
आजमपाड़ा निवासी समीना पिछले दो महीने से संपूर्ण समाधान दिवस में अपना प्रार्थनापत्र लेकर पहुंच रही है। तीन तलाक के मामले में वह न्याय पाने के लिए लगातार गुहार लगा रही है। मगर, अब तक उसकी सुनवाई नहीं हुई है। हर बार उसका प्रार्थना पत्र लेकर चलता कर दिया जाता है। वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में न्याय न मिलने से आहत है।
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संपूर्ण समाधान दिवस में भी फरियादियों की शिकायतों का निस्तारण नहीं हो पा रहा। कई फरियादी तो पिछले चार महीने से चक्कर काट रहे हैं लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही।
ये स्थिति तब है, जबकि अधिकांश विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर ही मौजूद रहते हैं। मंगलवार को सदर तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में आईं 160 जनशिकायतों में से भी सिर्फ दो ही मौके पर निस्तारण हो पाया।
एडीएम सिटी डॉ. प्रभाकांत अवस्थी और एसडीएम गरिमा सिंह की मौजूदगी में सदर तहसील में समाधान दिवस हुआ। राशन कार्ड, जलभराव, जमीन विवाद, राजस्व, बिजली बिलों में गड़बड़ी आदि से संबंधित 160 जनशिकायतें आईं।
वरिष्ठ अधिकारी भी शिकायतों का समाधान नहीं कर सके। बता दें कि विभिन्न विभागों में सुनवाई न होने के बाद ही फरियादी संपूर्ण समाधान दिवस में पहुंचते हैं। मगर, यहां भी उनकी समस्याओं का निस्तारण नहीं हो पा रहा। 250 से अधिक तो ऐसे मामले हैं, जो रिकॉर्ड में ही नहीं चढ़ाए गए।
चार के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति
संपूर्ण समाधान दिवस में अनुपस्थित चार अधिकारियों के खिलाफ एसडीएम सदर ने डीएम को रिपोर्ट भेजी है। उन्होंने इनके खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की है। इनमें बरौली अहीर के सहायक विकास अधिकारी, थानाध्यक्ष न्यू आगरा, ग्रामीण अभियंत्रण के अधिशासी अभियंता और जलकल के अधिशासी अभियंता हैं।
महिला कर्मचारी की तबियत बिगड़ी
सुनवाई के दौरान मौजूद एक महिला कर्मचारी की तबियत बिगड़ गई। बताया जा रहा है कि वह बेहोश होकर हॉल में ही गिर गई। उसे आनन-फानन में मजिस्ट्रेट के वाहन से अस्पताल भेजा गया।
समाधान न होने पर जताई नाराजगी
सुनवाई के दौरान एक महिला कर्मचारी ने विभागीय शिकायत का निस्तारण न होने पर वरिष्ठ अधिकारियों के सामने नाराजगी जताई। उसने हंगामा करने का प्रयास भी किया लेकिन अन्य कर्मचारियों ने समझाबुझा कर उसे भेज दिया।
15 दिन में करना होता है समाधान
संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान आने वाली शिकायतों का निस्तारण 15 दिन में करना होता है। महीने के पहले और तीसरे मंगलवार को यह आयोजित होता है। इसी बीच में जनशिकायतों का निस्तारण करना होता है।
अब 24 अफसरों पर कार्रवाई
जनशिकायतों के निस्तारण की हर समाधान दिवस पर समीक्षा होती है। जिनके स्तर से शिकायतें लंबित थीं, उनका वेतन भी रोका गया था। ऐसे अब तक 24 से अधिक अधिकारियों पर कार्रवाई की जा चुकी है। - एनजी रवि कुमार, डीएम
पिछले समाधान दिवस में ये विभाग फिसड्डी
पिछले समाधान दिवस की समीक्षा के दौरान शिक्षा, जलकल विभाग फिसड्डी पाए गए थे। ये विभाग समय सीमा में शिकायतों का निस्तारण नहीं कर पाए थे।