मैनपुरी। मंगलवार को मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार ने मनरेगा और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के कार्यों की समीक्षा की। समीक्षा के दौरान लापरवाही सामने आने पर उन्होंने एपीओ और डीएमएम समेत 42 कर्मचारियों का वेतन रोकने के आदेश दिए हैं। अग्रिम आदेशों तक उनके वेतन का आहरण नहीं किया जाएगा।
मुख्य विकास अधिकारी ने विकास भवन में मंगलवार को मनरेगा योजना की समीक्षा की। पता चला कि मनरेगा कार्यों में ब्लॉकों में तैनात एपीओ (अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी) द्वारा शिथिलता बरती जा रही है। उन्होंने चार ब्लॉकों के एपीओ का वेतन रोकने के आदेश उपायुक्त मनरेगा को दिए हैं। इसमें मैनपुरी और कुरावली ब्लॉक देख रहे एपीओ दीपक चौधरी, बरनाहल और घिरोर ब्लॉक देख रहे धर्मवीर सिंह, जागीर और बेवर ब्लॉक देख रहीं रसिका गुप्ता और करहल और किशनी ब्लॉक देख रहे अजय पांडेय शामिल हैं।
वहीं राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की समीक्षा के दौरान सीडीओ ने पाया कि बैंकों द्वारा आपत्ति लगाकर लौटाई गई ऋण पत्रावलियों पर कोई कार्य नहीं किया गया। स्वयं सहायता समूहों की 3212 ऋण पत्रावलियां बैंकों को भेजी गई थीं, जिसमें से 2130 पत्रावलियों को बैंकों ने आपत्ति लगाकर वापस कर दिया था। वहीं बैंकों ने 813 पत्रावलियों पर ऋण स्वीकृत करते हुए 628 का वितरण भी कर दिया गया है। ापत्ति वाली ऋण पत्रावलियों पर कार्रवाई न करने के लिए चार डीएमएम (जिला मिशन प्रबंधक) प्रदीप कुमार, अनुज सिंह, मनीष कुमार ओर सत्यजीत सिंह और 34 बीएमएम (ब्लॉक मिशन प्रबंधक) का वेतन रोकने के आदेश उपायुक्त एनआरएलएम पीसी राम को दिए हैं। उन्होंने सुधार न होने तक वेतन आहरित न करने के निर्देश दिए।