मैनपुरी जिला अस्पताल सहित स्वास्थ्य केंद्रों का बुरा हाल है। समय से चिकित्सक नहीं आते हैं। स्वास्थ्य कर्मी भी नदारद रहते हैं। डीएम के निर्देश पर सोमवार को अधिकारियों के निरीक्षण में इसका खुलासा हुआ है। अधिकारियों को डॉक्टर सहित 155 स्वास्थ्य कर्मी अनुपस्थित मिले। अधिकारियों की रिपोर्ट के बाद डीएम अंजनी कुमार सिंह ने अनुपस्थित चिकित्सकों, पैरामेडिकल स्टॉफ को स्पष्टीकरण देने और अनुपस्थित तिथियों का तत्काल प्रभाव से वेतन रोके जाने के निर्देश दिए हैं।
अधिकारियों के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र किशनी के निरीक्षण के दौरान 6 चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टाफ में 19 अनुपस्थित पाए गए। दो आउटसोर्सिंग कर्मी तीन माह से, एक आउटसोर्सिंग कर्मी भी गैर हाजिर मिला।
महाराजा तेजसिंह जिला चिकित्सालय में 20 लोग अनुपस्थित पाए गए। ईएमओ 24 सितंबर से और ऑर्थाे 25 सितंबर से अनुपस्थित पाए गए। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बरनाहल में 16, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बेवर के निरीक्षण में 6, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भोगांव के निरीक्षण में 14 लोग अनुपस्थित मिले।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुरावली के निरीक्षण में 11 लोग अनुपस्थित मिले। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र औंछा के निरीक्षण में 24 लोग अनुपस्थित पाए गए। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र करहल के निरीक्षण में 39 लोग अनुपस्थित मिले। लैब टेक्नीशियन शैलेश कुमार, आयुष्मान मित्र अनुज कुमार, कुक अमित कुमार, जीएआरओ सोपाल 27 सितंबर से अनुपस्थित मिले।
जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने बताया कि चिकित्सकों, स्वास्थ्य कर्मियों के समय से उपस्थित न होने की शिकायतें मिल रही थीं। स्वास्थ्य कर्मियों के समय से उपस्थित न होने के कारण मरीजों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा था। इसे देखते हुए मुख्य विकास अधिकारी, अपर जिलाधिकारी, उप जिलाधिकारियों के माध्यम से निरीक्षण कराए गए हैं। निरीक्षण में सोमवार को बड़ी संख्या में चिकित्सक, स्वास्थ्यकर्मी अनुपस्थित मिले हैं। अनुपस्थित रहने का कारण स्पष्ट करते हुए स्पष्टीकरण देने तथा अनुपस्थित तिथियों का तत्काल प्रभाव से वेतन रोके जाने के निर्देश दिए हैं।