गठित की गई टीम
उप जिलाधिकारी सदर रजनीश बाजपेई ने बताया कि मुख्यमंत्री के संज्ञान में लेने के बाद टीम गठित कर जांच कराई जा रही है। एसीएम ऋषि राव ने बताया कि विद्यादेवी के लड़कों को शनिवार को तहसील सदर बुलाया गया। तीन बेटे पहुंचे। उनके साथ काउंसिलिंग की गई। बेटे मां को घर ले जाने के लिए तैयार हो गए। पर, विद्यादेवी साथ जाना नहीं चाहती हैं।
तीन बेटों ने मानी ये शर्त
एसीएम ने बताया कि विद्यादेवी ने कहा कि उनके लड़के उनके लिए हर महीने दवाएं व अन्य खर्चा उनके पास वृद्धाश्रम में भेज दिया करें। इस शर्त को उनके तीन बेटों ने मान लिया। सबसे बड़ा बेटा बाहर होने के कारण काउंसिलिंग में नहीं आ सका। टीम उससे भी बात करेगी।
अब नहीं जाऊंगी घर
इधर, वृद्धाश्रम पर लेखपाल विद्यादेवी का बयान लेने के लिए भी पहुंचे। उन्होंने कहा कि मेरे बच्चे मेरी दवा का खर्चा आश्रम में ही भिजवा दिया करें, अब घर नहीं जाऊंगी। मेरी मिट्टी को भी मेरे बेटों को आश्रम संचालक न दें।