टूरिस्ट वीजा की अवधि समाप्त होने के बावजूद वृंदावन में रह रहे रूसी दंपती के जेल जाने के बाद रशियन बिल्डिंग में रहने वालों की परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। पुलिस की मुनादी और प्रशासन की कार्रवाई के डर से कई विदेशी भक्त यहां से पलायन कर गए, जबकि कई परिवार अभी यहां रह रहे हैं। इस्कॉन से जुड़े भक्तों पर आई परेशानी के बाद इस्कॉन प्रबंधन ने उन्हें मदद का भरोसा दिलाया है।
इस्कॉन के पदाधिकारियों ने प्रशासनिक अधिकारियों से वार्ता कर बीच का रास्ता निकालने की मांग की है। बता दें पिछले दिनों मूल रूप से रशिया के रहने वाले बिल्डिंग प्रबंधक रोमानोमा योरोस्लाव व उनकी पत्नी नतालिया क्रिवोनासोवा को पुलिस ने टूरिस्ट वीजा अवधि खत्म होने और जांच को गई पुलिस से मारपीट एवं पुलिस की वर्दी फाड़ने के आरोप में जेल भेजा जा चुका है।
रूसी दंपती के जेल जाने के बाद से रशियन बिल्डिंग में रहने वाले देशी विदेशी भक्तों पर जैसे मुसीबतों का पहाड़ टूट गया है। पुलिस की सख्ती और बिल्डिंग खाली करने की चेतावनी के बाद कई देशी और विदेशी अपने फ्लैट पहले खाली कर गए, जबकि कई लोगों ने उच्च न्यायालय की शरण ली है। इस बिल्डिंग में अमेरिका, रशिया, यूक्रेन और कनाडा के लोग रहते हैं। सभी भक्त इस्कॉन के अनुयायी हैं। इस्कॉन के एक पदाधिकारी ने जिला प्रशासन के अधिकारियों से वार्ता कर लोगों की परेशानी से अवगत कराया है। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों से फ्लैट ना खाली कराने की मांग की है।
श्री वृंदावन धाम ट्रस्ट की रशियन बिल्डिंग को एक सप्ताह के बाद भी सील करने की कार्रवाई नहीं हो सकी है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा बिल्डिंग खाली करने के लिए मुनादी के बाद भी बिल्डिंग में बसे लोग फ्लैट खाली करने को तैयार नहीं हैं। प्रशासन की कार्रवाई के विरोध में फ्लैट में रहने वाले लोगों ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय की शरण ली है। बता दें रमणरेती क्षेत्र स्थित बारह घाट बांगर में बनी श्री वृंदावन धाम ट्रस्ट रसियन बिल्डिंग को अग्नि निवारण और अग्नि सुरक्षा अधिनियम 2005 के तहत सील करने की कार्रवाई की जा रही है।