करहल की छात्रा कोयना यादव
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बेटी कोयना के लिए चिंतित है पूरा परिवार
करहल कस्बे के सदर बाजार निवासी पूर्व सभासद सतीश यादव की पौत्री और दवा व्यवसायी विवेक यादव की पुत्री कोयना यादव भी यूक्रेन में फंसी हैं। कोयना दो माह पहले ही 28 दिसंबर 2021 को यूक्रेन गई थी। बेटी की सुरक्षा को लेकर परिजन चिंतित हैं। वे लगातार कोयना से फोन पर संपर्क में बने हुए हैं।
कोयना के पिता विवेक यादव और मां सुनीता देवी भी अपने बेटी की घर वापसी के लिए परेशान हैं। कोयना फिलहाल यूनिवर्सिटी के हॉस्टल में ही सुरक्षित है। परिजनों से हुई बातचीत में कोयना ने बताया कि वहां सभी रास्ते बंद कर दिए गए हैं। परिजनों ने बेटी को वापस लाने के लिए सरकार से मांग की है।
तीन साल से यूक्रेन में है कुशाग्र यादव
करहल के ही सिरसागंज रोड निवासी रनवीर सिंह यादव का बेटा कुशाग्र यादव भी यूक्रेन में है। वह तीन साल से वहां रह रहा है। मां अनीता देवी को बेटे की सुरक्षा की चिंता सता रही है। फोन पर परिजन लगातार अपने बेटे से संपर्क में बने हुए हैं।
फोन पर हुई बातचीत में कुशाग्र ने बताया कि यूक्रेन में हालात बहुत खराब हैं। सायरन बजते ही उन्हें बंकर में छिपना पड़ता है। उनके पास खाने-पीने के लिए भी पर्याप्त इंतजाम नहीं है। बेटे की इस हालत पर परिवार परेशान हैं। परिजन ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बेटे को घर वापस लाने के लिए मांग की है।
मोदी जी, बेटे को सुरक्षित लाएं घर
करहल के अहिंसा कॉलोनी निवासी डॉ. कमलेश यादव ने प्रधानमंत्री मोदी से अपने बेटे अनुपम यादव को सुरक्षित घर लाने की मांग की है। बेटा एमबीबीएस फाइनल ईयर का छात्र है। यूक्रेन में जो हालात हैं वह ठीक नहीं है, ऐसे में उनके बेटे समेत अन्य बच्चों को वहां से निकालना बहुत जरूरी है।
फोन पर हुई बातचीत में अनुपम ने बताया कि वहां के हालात बहुत ही खराब हैं। सड़कों को बंद कर दिया गया है तो वहीं बाजार भी नहीं खुल रहे हैं। हालांकि भारतीय दूतावास ने सभी छात्रों को सुरक्षित भारत भेजे जाने के बंदोबस्त जल्द होने का भरोसा तो दिलाया है। मांग विमलेश यादव का कहना है कि जब तक उनका बेटा वापस नहीं आ जाता है तब तक उनकी चिंता खत्म नहीं होगी।