बुधवार को मरीजों के लिए 500-1000 के नोट ही मर्ज बन गए। हालत ये रही कि मेडिकल स्टोरों से 500 के नोट पर 200-300 रुपये तक की दवा नहीं मिली। मेडिकल स्टोर संचालकों ने दवा देने से इंकार कर दिया। तीमारदारों को खुले रुपये देने या फिर पूरे नोट की दवा लेनी पड़ी। इसको लेकर बाग फरजाना, ट्रांस यमुना कालोनी, बाग फरजाना स्थित स्टोरों पर नोंकझोंक भी हुई। ट्रांस यमुना कॉलोनी के केमिस्ट संचालक अफजल खान ने बताया कि खुले रुपये खत्म होने के बाद पूरे नोट की दवा दी गई। आगरा महानगर केमिस्ट एसोसिएशन आशीष शर्मा ने बताया कि केमिस्ट संचालकों के लिए कोई निर्देश जारी नहीं किया। सुविधा के अनुसार 500-1000 के नोट लिए गए।
200 की ओपीडी, बचे पैसे अगली बार
क्लीनिक और हास्पिटल में डाक्टर को दिखाने आए मरीजों को खासी परेशानी उठानी पड़ी, जिन डाक्टरों की 100, 200, 300 रुपये ओपीडी फीस है, उन्होंने 500 का नोट लिया लेकिन बचे हुए रुपयों को पर्चे पर लिखकर अगली बार में शामिल करने को कहा। कई ऐसे भी रहे जिन्होंने रुपये नहीं लिए। आईएमए अध्यक्ष डा. आरएस कपूर ने बताया कि मरीज हित में रुपये लिए गए हैं लेकिन बदले में खुले पैसे नहीं दिए। मरीजों को दवा या फिर अगली बार की ओपीडी में रुपये शामिल कराने को कहा गया।
नहीं किए डिस्चार्ज, इमरजेंसी में स्वीकारे नोट
निजी हास्पिटलों में भर्ती मरीजों को भी भारी दिक्कत हुई। हास्पिटल संचालक 500-1000 के नोट लेने से बचते रहे। इमरजेंसी, आपरेशन, प्रसव के मरीजों से ही नोट स्वीकार किए गए। ऐसे में कई मरीजों का डिस्चार्ज भी रुक गया। आगरा नर्सिंग होम एसोसिएशन के सचिव डा. आरएन गोयल ने बताया कि सरकार के आदेश में निजी हास्पिटल शामिल नहीं है। ऐसे में इमरजेंसी, डिलीवरी के मामलों में ही 500-1000 के नोट लिए गए।
दवा व्यवसायी भी रहे गफलत में
दवा बाजार फव्वारे में भी गफलत की स्थिति रही। कई दुकानदारों ने 500-1000 के नोट नहीं लिए। आगरा फार्मा एसोसिएशन के महासचिव महेश अग्रवाल ने बताया कि बिल देने वालों से ही नोट स्वीकार किए गए। बाकी से नोट नहीं लिए। आगरा जिला केमिस्ट एसोएिशन के अध्यक्ष आशू शर्मा ने बताया कि 500-1000 के नोट नहीं लिए गए, इससे बाजार भी प्रभावित रहा।
सूने पड़े बाजार, ठप हुआ कारोबार
मोदी के मास्टर स्ट्रोक ने छीनी बाजारों की रौनक
अमर उजाला ब्यूरो
आगरा।
1000 और 500 के नोट बंद करने के जिस फैसले को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मास्टर स्ट्रोक बताया जा रहा है, उसने बाजारों की रौनक छीन ली है। ताजनगरी के तमाम बाजार सूने पड़े रहे। कारोबार ठप हो गया है। कारोबारी परेशान हैं। दुकानदार दिनभर पर दुकान पर बैठे मक्खी मारते रहे। पेश है लाइव रिपोर्ट
सीन - 1
स्थान - सिंधी बाजार
समय - दोपहर एक बजे
आम दिनों में यहां भारी भीड़ रहती है। बाइक और कार तो दूर पैदल चलना तक मुश्किल है। लेकिन इस समय नजारा बदला हुआ है। ट्रक निकल जाए, और पता भी न चले। पूरा बाजार खाली जो है। 95 फीसदी दुकानों पर एक भी ग्राहक नहीं है।
सीन - 2
स्थान - राजामंडी बाजार
समय - दोपहर 1:30 बजे
शहर के सबसे व्यवस्तम बाजारों में से एक है राजामंडी। लेकिन इस समय तो पूरा खाली है। कई दुकान तो खुली ही नहीं। जो खुली हैं, उन पर ग्राहक नहीं। चौकी के सामने की दुकान पर दुकानदार बैठे हैं। मोदी के फैसले पर चर्चा चल रही है।
सीन - 3
स्थान - संजय प्लेस
समय - दोपहर 2:30 बजे
संजय टाकीज पर 12 वाला शो खत्म होने वाला है। फिल्म लगी है ऐ दिल है मुश्किल। टिकट विंडो खाली है। मंगलवार को सुबह के शो में 400 दर्शक थे। आज 70 टिकट बिके हैं। टिकट विंडो पर बोर्ड लगा है 500 और 1000 के नोट नहीं लिए जाएंगे।
सीन - 4
स्थान - कॉसमॉस मॉल
समय - दोपहर तीन बजे
रौनक गायब है। लोग बहुत कम है। जो आ रहे हैं, सबसे पहले काउंटर पर पूछ रहे हैं 500-1000 के नोट लोगे या नहीं। यहीं पर बोर्ड लगा है ये नोट बंद हो गए हैं। यहां आए लोगों में ज्यादातर कार्ड से शॉपिंग कर रहे हैं।
सीन - 5
स्थान - सेंट जोंस चौराहा
समय - दोपहर साढ़े तीन बजे
यहां बेड़ई, समोसा, कचौरी वालों की दुकानें हैं। दिन भर भीड़ लगी रहती है। दूर दूर से लोग आते हैं। लेकिन इस समय तो नजारा एकदम उल्टा है। कुछ छात्र-छात्राएं जरूर आए हैं। इनके अतिरिक्त कोई नहीं। दुकानदार ने बताया कि लोग 100 और 50 के नोट खर्च करने से बच रहे हैं।