एक ने दूसरे से कहा, दूसरे ने तीसरे से... फिर तो हाथ में दूध लिए महिलाओं की कतार लग गई। अफवाह थी मंदिरों में मूर्तियों के दूध पीने की। बस फिर क्या था। देखते ही देखते सराय बेगा के पथवारी मंदिर में आस्था का जमघट लग गया। हाथों में चम्मच लिए महिलाएं पथवारी मैया, भोले बाबा, चामड़ मैया की मूर्तियाें को दूध पिलाने लगीं।
सोमवार सुबह 11 बजे गुरुद्वारा गुरु का ताल के सामने स्थित सराय बेगा गांव में पथवारी मंदिर की मूर्तियों के दूध पीने की अफवाह उड़ गई। कुछ ही क्षणाें में पूरा गांव ही मूर्तियों को दूध पिलाने आ उमड़ा। महिलाओं के साथ स्कूल की छात्राएं, बच्चे भी आए। सब एक-दूसरे से कहते, देखो सारी चम्मच खाली हो गई, भगवान दूध पी रहे हैं। पहले दूसरे को देखते कि दूध कैसे पिलाना है? और फिर चम्मच लेकर खुद आगे बढ़ जाते। मूर्ति के मुंह पर चम्मच लगाते और पल भर में यह खाली हो जाती, तो चेहरे पर प्रसन्नता का भाव आ जाता। लेकिन जब देखते ही दूध नीचे फर्श पर जा रहा है, तो झटका सा लगता। चर्चा होने लगी इसी तरह से 20 साल पहले गणेश प्रतिमाओं के दूध पीने की घटना की। कुछ लोग इसके वैज्ञानिक पहलुओं पर चर्चा करने लगे।
सपना ने बताया कि मैया ने हमारा दूध तो पिया है। गांव में ही किसी ने सूचना दी थी। तभी भागे भागे आए। शकुंतला बोलीं, आधौ सौ गाम पिलाय गयौ। देवी-देवता दूध तौ पी रहे हैं।
आठवीं में पढ़ने वाली जागृति, आंचल भी हाथों में दूध की गिलासी लेकर मंदिर में आईं। पूछने पर बोलीं, सब कह रहे हैं, इसलिए हम भी पिलाने आ गए।
दोपहर एक बजे फिर हल्ला हुआ। अरे, पहले बड़ी मैया पी रही थीं, अब चामड़ मैय्या पी रही हैं। यह सिलसिला दोपहर के करीब तीन बजे तक चलता रहा।
मंदिर के पुजारी बबलू का कहना था कि उन्हें गांव की किसी कन्या ने फोन कर सूचित किया कि मूर्तियां दूध पी रही हैं। लड़की का नंबर मांगने पर वे उपलब्ध नहीं करा पाए।
सीकरी में भी अफवाह, नंदी पी रहे दूध
फतेहपुर सीकरी। ग्राम सौनोठी में भी सोमवार को दिन भर अफवाह उड़ती रही। लोग नंदी की मूर्ति को दूध पिलाने के लिए दौड़ पड़े। गांव के ही हुकुम सिंह, क्षेत्र पंचायत सदस्य दानवीर सिंह, दीवान सिंह, करतार सिंह, ग्राम प्रधान प्रकाश राजपूत ने बताया कि गांव की कुछ युवतियां सुबह प्राचीन शिव मंदिर पर आईं तो उन्होंने नंदी की मूर्ति को चम्मच से दूध पिलाया। उनके दूध पीते ही लोगों का तांता लग गया। सुबह से शुरू हुए भजन कीर्तन देर शाम तक चलते रहे।
बाह में डरावनी अफवाह
बाह। इलाके में अफवाह उड़ी कि घरों में आटा चक्कियों के पाटों पर ऐसे निशान पड़ गए हैं जैसे किसी ने छैनी-हथोड़े से खूंटा हो। बस फिर क्या था, अंधविश्वासी लोगों ने हल्ला कर दिया कि अनहोनी होने वाली है। डर के मारे लोग मंदिरों की ओर दौड़े माथा टेकने के लिए। कई जगह देवी पूजन शुरू हो गया। बाह, पिनाहट, जैतपुर ब्लॉक के ज्यादातर गांवों में यह अफवाह उड़ी। बाह के बसंगपुरा गांव के धर्मेंद्र सिंह, गंगाराम पुरा के तपेंद्र सिंह, सुखी के पुरा के दीवान सिंह, उदयपुर खालसा के दलवीर सिंह, कुकथरी के धरमवीर सिंह, सूखाताल के ख्यालीराम, गोपीपुरा के दलवीर सिंह का दावा है कि चर्चा के बाद जब घरों में आटा चक्कियों के पाटों को देखा गया तो खूंटे जाने के ताजा निशान मिले। चर्चा कहां से शुरू हुई, यह कोई कुछ नहीं बता सका। हां, कुछ देवी चमत्कार तो कुछ अनहोनी से बचने के लिए मंदिर में मत्था टेकने जरूर गए।