ताज ट्रेपेजियम जोन (टीटीजेड) में कोयला और लकड़ी जलाने पर सुप्रीम कोर्ट की रोक के बाद भी होटलों में कोयले से भट्ठियां जलाई जा रही हैं। मंगलवार को नगर निगम ने ताजनगरी फेज-1 में दो होटलों पर छापा मारकर कोयले से जलती भट्ठियां पकड़ीं। उन्हें मौके पर ही नगर निगम टास्क फोर्स ने ध्वस्त करा दिया।
शहर में वायु प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए नगर निगम प्रशासन ने कोयला संचालित भट्टियों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। निरीक्षण के दौरान ताजगंज क्षेत्र में दो स्थानों पर कोयले से संचालित भट्टियां मिलने पर नगर निगम की टीम ने उन्हें मौके पर ही नष्ट करा दिया। संबंधित संचालकों को चेतावनी दी गई कि भविष्य में दोबारा कोयला संचालित भट्ठी जलती हुई मिली तो एनजीटी के नियमों के उल्लंघन के तहत कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
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नगर निगम के जोनल स्वच्छता अधिकारी (जेडएसओ) ताजगंज योगेंद्र कुशवाहा के नेतृत्व में क्षेत्र का निरीक्षण किया गया। इस दौरान ताजनगरी फेस-वन स्थित होटल ताज सिटी और ताज सी-वन में कोयले से संचालित भट्टियां मिलीं। इनके अंदर राख पड़ी हुई थी जिससे प्रतीत हो रहा था कि इनका इस्तेमाल किया जा रहा था। टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दोनों भट्टियों को नष्ट करा दिया।
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अधिकारियों ने बताया कि कोयले से संचालित भट्टियों से निकलने वाला धुआं वातावरण में प्रदूषण बढ़ाने के साथ ही आसपास के क्षेत्र की वायु गुणवत्ता को प्रभावित करता है। ऐसे में नगर निगम द्वारा प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाई जा रही है। निरीक्षण के दौरान जहां भी नियमों का उल्लंघन पाया जाएगा, वहां नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
दोबारा मिली भट्ठी तो होगी कड़ी कार्रवाई
नगर निगम टीम ने संबंधित लोगों को स्पष्ट चेतावनी दी कि नष्ट कराई गई भट्टियों को दोबारा तैयार कर उनका संचालन न किया जाए। यदि भविष्य में कोयला संचालित भट्ठी जलती हुई पाई गई तो संबंधित के खिलाफ एनजीटी के दिशा-निर्देशों और प्रदूषण नियंत्रण संबंधी नियमों के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने क्षेत्र के अन्य होटल, रेस्टोरेंट और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को भी कोयले के इस्तेमाल से बचने की हिदायत दी है।