आगरा के बीएसए कार्यालय में हंगामा हो गया। आरोप है कि कार्यालय में तैनात बाबू ने शिक्षक पद के लिए नियुक्ति पत्र लेने आए अभ्यर्थियों से रिश्वत मांगी। मामले में बीएसए ने जांच के निर्देश दिए हैं।
आगरा के बीएसए कार्यालय में नए शिक्षक पद पर नियुक्ति पत्र वितरण के दौरान हंगामा हो गया। अभ्यर्थियों का आरोप है कि पटल बाबू ने एक-एक कर कार्यालय बुलाकर नियुक्ति पत्र देने के दौरान सुविधा शुल्क की मांग की, जिससे वे आक्रोशित हो गए और उन्होंने पटल बाबू पर आरोप लगाते हुए जोरदार हंगामा किया। सोशल मीडिया पर इस हंगामे का एक वीडियो भी वायरल हो रहा है।
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बीएसए जितेंद्र कुमार गोंड मौके पर पहुंचे और मामले की जांच के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि कुल 29 अभ्यर्थियों को शिक्षक पद के लिए नियुक्ति पत्र दिए गए हैं। इनमें से छह अभ्यर्थियों के अभिलेखों में विसंगति पाई गई, जैसे पोर्टल पर नाम की स्पेलिंग अलग होना, कागजों में नाम में अंतर और अंकों में भिन्नता।
जांच को कमेटी गठित, मांगे गए साक्ष्य
इस मामले की जांच के लिए कमेटी गठित की गई है, जिसमें खंड विकास अधिकारी पिनाहट उमेश गौतम और नगर शिक्षा अधिकारी सुमित सिंह को शामिल किया गया है। फिलहाल पटल बाबू को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है। आरोपों की पुष्टि के लिए उनसे साक्ष्य मांगे गए हैं। जांच में दोषी पाए जाने पर पटल बाबू के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।