यमुना में ताजमहल के पास बैराज का सपना भले ही पूरा न हो पा रहा हो, लेकिन यहां रबड़ चेकडैम मूर्त रूप ले सकता है। सुप्रीम कोर्ट अनुश्रवण समिति की बैठक में मंडलायुक्त प्रदीप भटनागर ने इस योजना से पर्दा उठाया। उन्होंने बताया कि यमुना में पानी की कमी को देखते हुए सिंचाई विभाग एक ऐसी योजना तैयार कर रहा है, जिसके अंतर्गत वाटर वर्क्स तथा ताजमहल के पास रबड़ के चेकडैम स्थापित किए जाएंगे।
मंडलायुक्त ने कहा कि रबड़ चेकडैम बनने से नदी में पानी अधिक मात्रा में उपलब्ध रहेगा। इससे शहर में पेयजल आपूर्ति के लिए जल संस्थान को शुद्ध और पर्याप्त मात्रा में पानी की उपलब्धता रहेगी। उन्होंने बताया कि मानसून के दौरान नदी में पानी बढ़ने पर चेकडैम स्वत: मुड़ जाएंगे। इससे नदी में बाढ़ की स्थिति नहीं रहेगी। मंडलायुक्त ने बताया कि इस तकनीक को विश्व के कई देश अपना रहे हैं। बता दें कि वर्तमान में यमुना में पानी कम है और सिल्ट ज्यादा है। दरअसल, गोकुल बैराज से जितना पानी नदी में छोड़ा जाता है, वह सब आगे बह जाता है।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों की अलग-अलग रिपोर्ट
बैठक में मंडलायुक्त ने कीठम झील के पानी को लेकर उत्तर प्रदेश नियंत्रण बोर्ड तथा केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा की गई जांच रिपोर्ट के अलग-अलग होने पर रोष जताया। उन्होंने कहा कि अलग-अलग दिनों की बजाय दोनों विभाग एक ही समय पर सैंपल लेकर उसकी जांच करें। उन्होंने अगली बैठक में जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।