ताजनगरी में नए सिविल एन्क्लेव की योजना को पर्यावरणीय मंजूरी नहीं मिलने के कारण डी लिस्ट किया गया है। पर्यावरणीय मंजूरी कोर्ट केस के कारण नहीं मिल सकी है। यह जानकारी एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने सूचना के अधिकार के तहत दी है। इससे आगरा के उद्योग और पर्यटन जगत को बड़ा झटका लगा है।
सुप्रीम कोर्ट ने 11 दिसंबर 2019 को दिए अपने आदेश में खेरिया एयरपोर्ट में अतिरिक्त टर्मिनल बनाने के लिए एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया को अनुमति दे दी थी। ऐसी स्थिति में सिविल टर्मिनल बनाने के लिए पर्यावरणीय मंजूरी नहीं मिलना आश्चर्यजनक है। सूचना अधिकार में यह खुलासा कि सिविल एन्क्लेव की योजना को फिलहाल ड्रॉप कर दिया गया है। आगरा के उद्योगों एवं पर्यटन के लिए अत्यंत निराशाजनक है। - केसी जैन, सचिव, आगरा डेवलपमेंट फाउंडेशन
आगरा ने भाजपा को लगातार शत प्रतिशत दिया है, जेवर एयरपोर्ट का स्वागत है, लेकिन आगरा पर्यटन नगरी है। ताजमहल के अतिरिक्त साहित्य, आध्यात्म की नगरी है। सिविल एन्क्लेव न होना आगरा सहन नहीं कर पाएगा। इसे बनाना ही होगा। - पूरन डावर, अध्यक्ष, आगरा डेवलपमेंट फाउंडेशन
आगरा के पर्यटन के लिए सिविल टर्मिनल का होना बहुत जरूरी है। आगरा की संस्थाएं लगातार इसके लिए प्रयासरत रही थीं, तब कहीं जाकर सिविल टर्मिनल की राह खुली थी। अब यह रोड़ा पर्यटन को भी प्रभावित करेगा। - राजीव तिवारी, पर्यटन उद्यमी, पूर्व अध्यक्ष, नेशनल चैंबर
पर्यावरण मंत्रालय ने इस वजह से मना कर दिया कि मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। जब तक सुप्रीम कोर्ट का आदेश नहीं आ जाता तब तक सिविल टर्मिनल का काम लंबित रहेगा। इसकी जन सुनवाई डी लिस्ट की गई है। हम लोग सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने वाले हैं, जिसके लिए मुख्यालय से अनुमति ली जा रही है। - एए अंसारी, निदेशक, एयरपोर्ट अथॉरिटी