सियासत में अपराधियों की बढ़ती भीड़ पर संघ ने चिंता जाहिर की है। प्रचारकों ने माना कि सियासी चोला पहनकर अपराधी नेता बन जा रहे हैं। युवा वर्ग अभी भी सियासत से दूरी बनाए हुए हैं। लोगों के मन में एक धारणा बन गई है कि राजनीति में वही आ सकता है जिसके पास धन और बल हो। जबकि संघ से निकले तमाम ऐसे लोग हैं जो बहुत गरीब थे और निरंतर परिश्रम और समाजसेवा करके बड़ा मुकाम हासिल किया है।
वृंदावन के केशवधाम में हुई प्रचारकों की बैठक में केरल में हुई स्वयंसेवकों की हत्या का मुद्दा गूंजा। कहा गया कि केरल में प्रचारकों के रिक्त पदों पर शीघ्र तैनाती करके संघ को मजबूत किया जाए। पश्चिम बंगाल के साथ ही सभी पूर्वोत्तर राज्यों में संघ को बड़ी ताकत बनाने की बात कही गई।
संघ प्रमुख मोहन भागवत ने प्रचारकों से कहा कि नौजवानों को संघ से जोड़ा जाए, शाखाओं की संख्या बढ़ाई जाए। राजनीति में अपराधियों की बढ़ती संख्या पर भी चिंता जताई। प्रचारकों ने कहा कि इससे सियासत दूषित होती है और लोगों के मन में राजनीति को लेकर एक गलत संदेश जाता है।
पार्टियां न दें अपराधियों का स्थान
पार्टियों को चाहिए कि अपराधियों को संगठन में स्थान न दें। जनता को भी जागरूक करने की जरूरत है। प्रचारक भी इस संबंध में लोगों को जागरूक करें। यदि चुनाव में कोई अपराधी आता है तो उसका साथ न दें। धर्म और जाति पर वोट न करके देश के लिए वोट किया जाए। चुनाव के वक्त लोगों को याद रखना चाहिए कि वह किसी के हाथ में अपने देश की कमान सौंप रहे हैं।
भारत का नंबर वन दुश्मन है चीन
संघ की बैठक में चीन को भारत का दुश्मन नंबर वन बताया गया। प्रचारकों का कहना था कि चीन को लेकर भारत सरकार को ठोस योजना बनानी चाहिए। ऐसी प्लानिंग की जाए जो कभी चीन कोई हरकत नहीं कर सके। संघ प्रचारकों ने कहा कि सीमावर्ती इलाकों पर कड़ी चौकसी की जरूरत है। यहां कहा गया कि विश्व में जिस तरह से भारत की एक ताकतवर देश के रूप में पहचान हो रही है उससे दुश्मन देशों पर असर पड़ा है। कोई कदम उठाने से पहले इन देशों को सौ बार सोचना होगा।