राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने आगरा तीन महानगरों में बांटा है। अब महानगरों में संगठन का नये सिरे से गठन होगा। यह महानगर भी विधानसभा क्षेत्र के हिसाब से बनाए गए हैं।
रणनीति साफ है कि अब संघ विधानसभा क्षेत्र को इकाई मानकर कार्य करेगा। कई पदाधिकारियों के दायित्वों में भी परिवर्तन किया गया है।
मेरठ में क्षेत्र प्रचारक आलोक अग्रवाल ने मार्गदर्शन में यह बदलाव हुआ। इस बैठक में संगठन के विस्तार के लिए क्षेत्रों का विस्तार किया गया।
आरएसएस ने संगठन की दृष्टि से पहले आगरा को एक महानगर और तीन जिलों में विभाजित किया हुआ था। मगर, अब पकड़ मजबूत करने के लिए इसमें परिवर्तन किया गया है।
अब एक की बजाय तीन महानगर आगरा पूर्वी, आगरा पश्चिमी और आगरा छावनी होंगे, जबकि फतेहाबाद, फतेहपुर सीकरी और रामबाग पहले की तरह से जिले हैं।
इसके साथ ही पदाधिकारियों की नियुक्ति की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। आगरा पश्चिमी में नमन और छावनी में रविकांत को प्रचारक के रूप में तैनात किया गया है।
अभी तक आगरा महानगर में सिर्फ एक प्रचारक हुआ करता था। अब तीन प्रचारक होंगे। महानगर प्रचारक गोविंद को आगरा का सह विभाग प्रचारक नियुक्त किया गया है। आगरा के सह विभाग प्रचारक प्रमोद को बदायूं विभाग का प्रचारक बनाया गया है।
भाजपा नेता भी हैं संतुष्ट
BJP
आरएसएस के इस क्षेत्र पुनर्गठन से भाजपा नेता भी संतुष्ट हैं, क्योंकि उन्हें लग रहा है कि अप्रत्यक्ष रूप से संघ की इस संरचना का लाभ उन्हें ही मिलेगा।
तीन प्रचारों का मतलब है कि शहर में तीन गुना काम ज्यादा होगा। 2019 के लोकसभा चुनाव में इसके सकारात्मक परिणाम मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। इस कार्य से पार्टी को बल मिलेगा।