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UP: बच्चों की किताब खरीदने से पहले प्राइस टैग जरूर चैक कर लें...ऐसे हो रही लूट; दुकानद झोंक रहे आंखों में धूल

Fri, 04 Apr 2025 12:49 PM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

आंखों में धूल झोंकने की कहावत तो सुनी ही होगी। ऐसा ही आगरा में एक किताब विक्रेता ने महिला अभिभावक के साथ किया। बेटे की किताब खरीदने आई महिला से दोगुनी रकम वसूल ली। महिला ने प्राइस टैग हटाकर देखा, तो असलियत का पता चल गया। 
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प्राइस टैग - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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पिछले साल जिस किताब की कीमत 260 रुपये थी, वह इस बार 496 रुपये की है। जी हां, आप भी यह सुनकर चकरा गए होंगे। एक महिला अभिभावक के साथ भी यही हुआ। गनीमत था कि उन्होंने प्राइस टैग की स्लिप हटाई तो हकीकत सामने आ गई। सकपकाए दुकानदार ने उन्हें आननफानन 260 रुपये में किताब देकर रफा-दफा किया।
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दरअसल किताब विक्रेता ने पुराने प्राइस टैग पर अपना नया प्राइस टैग लगा रखा था। यह मामला तो महिला की सजगता से पकड़ में आ गया। मगर आरोप है कि कई दुकानों पर ऐसा किया जा रहा है। सब कुछ जानते हुए भी शिक्षा विभाग के अधिकारी और जिला प्रशासन आंख बंद किए हुए है।

 

मामला राजामंडी की एक दुकान का है। अभिभावक शालिनी अपने बेेटे के लिए आठवीं कक्षा की किताबें लेने यहां पहुंचीं थीं। किताबों का पूरा सेट 6000 से अधिक का था। इसमें सिर्फ अंग्रेजी की किताब का दाम 496 रुपये था। उन्हें लगा कि किताब पर अलग से प्राइस टैग लगा है। उसे हटाया तो दाम 260 रुपये लिखा मिला। सभी किताबों पर यही हाल था। उन्होंने दुकानदार से कहा तो वह सकपका गया। विरोध करने पर उसने शालिनी को जल्दी-जल्दी पुराने प्राइस टैग वाला भुगतान लेकर रफा-दफा कर दिया। शालिनी का कहना था कि अगर वह ध्यान नहीं देतीं तो दुकानदार चूना लगा देता। पहले से ही हमारा बजट बिगड़ा है, दुकानदार भी कोई कसर नहीं छोड़ रहे।

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100 से 150 रुपये की ठगी
बोदला की सविता का भी कुछ यही कहना है उनके बेटे की विज्ञान की किताब पर 300 रुपये का टैग लगा था। उसे हटाया तो किताब का सही मूल्य 175 रुपये निकला। हर किताब पर 100 से 150 रुपये की ठगी का मामला सामने आ रहा है। यही नहीं बाजार में जो बैग 250 का है उसके लिए अभिभावकों को तय दुकान पर 400 रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं।

 

शिकायत पर होगी जांच
खंड शिक्षा अधिकारी नगर सुमित कुमार ने बताया कि किसी अभिभावक की ओर से ऐसी कोई शिकायत आती है तो जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।


 
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डीएम ने बुलाई प्रधानाचार्यों की बैठक
शहर के प्रमुख कॉन्वेंट स्कूलों के प्रधानाचार्यों को डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने शुक्रवार को बैठक के लिए बुलाया है। कलेक्ट्रेट में दोपहर एक बजे बैठक होगी। जिसमें किताब-काॅपियों की कीमत, एक दुकान पर बिक्री और आर्थिक रूप से कमजोर अभिभावकों को छूट पर प्रधानाचार्यों संग प्रशासन व शिक्षा विभाग अधिकारी चर्चा करेंगे। बैठक में पुस्तक एसोसिएशन व व्यापारी संगठनों के प्रतिनिधि भी शामिल रहेंगे।

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