फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP: डीएसएस की पिटाई पर आरपीएफ कमांडेंट का बड़ा बयान, बोले- बाहरी लोग भड़का रहे, चक्का जाम के भी मिले इनपुट

Thu, 16 Jul 2026 12:27 AM IST
Arun Parashar संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा

सार

आगरा कैंट स्टेशन पर डिप्टी एसएस की पिटाई के प्रकरण में पहली बार आरपीएफ की ओर से पक्ष रखा गया। आरपीएफ कमांडेंट ने मीडिया के सवालों के जवाब दिए। इस दाैरान उन्होंने प्रकरण से लेकर अब हो रहे विरोध प्रदर्शन को लेकर कही बड़ी बातें कहीं। 
विज्ञापन
आरपीएफ कमांडेंट राजमोहन पिचाई। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर डिप्टी एसएस नरेंद्र सिंह चाहर की पिटाई मामले में पहली बार आरपीएफ की ओर से आधिकारिक बयान सामने आया। आरपीएफ कमांडेंट राजमोहन पिचाई ने बुधवार को मीडिया के सवालों के जवाब दिए। उन्होंने पूरे घटनाक्रम पर दुख व्यक्त करते हुए मामले की निष्पक्ष जांच करने का भरोसा दिलाया है। साथ ही डिजिटल साक्ष्यों और कर्मचारियों की भूमिका के आधार पर जल्द जांच पूरी कर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की बात कही है।
विज्ञापन




आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर डिप्टी एसएस नरेंद्र सिंह चाहर की पिटाई का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। जहां एक ओर इस घटना को लेकर रेलवे कर्मचारियों में आक्रोश है, वहीं दूसरी ओर आरपीएफ ने पहली बार अपना पक्ष मीडिया के सामने रखा है। बुधवार को आरपीएफ कमांडेंट राजमोहन पिचाई ने आरपीएफ थाने पर आयोजित प्रेसवर्ता में घटना से जुड़े सभी पहलू पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा की किसी भी सरकारी कर्मचारी के साथ ऐसा अमानवीय व्यवहार उचित नही है। उस समय ऐसे हालात क्यों बने, इसकी निष्पक्ष जांच होनी आवश्यक है। जिसके लिए जांच समिति गठित की जा चुकी है। 
विज्ञापन


हीराकुंड एक्सप्रेस को रुकवाने में किस-किस कर्मचारी की क्या भूमिका रही, यह भी जांच का विषय है। लोको पायलट, रेलवे गार्ड और डिप्टी एसएस के बीच वाॅकी-टाॅकी पर क्या बात हुई, इस वार्तालाप को भी डिजिटल साक्ष्य के रूप में जांच में संकलित किया जाएगा। साथ ही घटना वाले दिन प्लेटफॅार्म के सीसीटीवी कैमरों के फोटो और वीडियो भी जांच में शामिल किए जाएंगे। 

 
Trending Videos

उन्होंने कहा कि विरोध प्रदर्शन में कुछ बाहरी व आसामाजिक लोगों की एंट्री हो गई है, जिससे पूरे प्रदर्शन को गलत दिशा देने के प्रयास किए जा रहे हैं। रेल रोकने और चक्का जाम करने जैसी गतिविधियों के इनपुट भी आरपीएफ को मिले हैं। ऐसे लोगों पर आरपीएफ नजर बनाए हुए है और किसी भी कीमत पर ट्रेनों का चक्का जाम नही होने दिया जाएगा। कल भी डिप्टी एसएस नरेंद्र सिंह चाहर की बहन और पत्नी रेल रुकवाने के लिए पटरी पर लेट गईं थीं। परिवार से मेरी अपील है कि धैर्य बनाए रखें। पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी, जो भी दोषी पाया जाएगा। उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

रेलवे यूनियन तत्काल कार्रवाई पर अड़ी
डीएसएस नरेंद्र सिंह चाहर का परिवार उनके साथ हुई मारपीट और आरपीएफ कर्मचारियों द्वारा किए गए अमानवीय व्यवहार से आहत है। डीएसएस की पत्नी ने आरोपी आरपीएफ कर्मियों द्वारा माफी मांगने की शर्त भी रखी थी। साथ ही उन्होंने मारपीट करने वाले आरपीएफ कर्मचारियों के बर्खास्तगी और गिरफ्तारी की मांग भी उच्च अधिकारियों के सामने रखी थी लेकिन मांग पूरी नही होने और आरोपियों के खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई नही होने के चलते मंगलवार को डीएसएस की बहन नीतू और पत्नी हरेंद्री चाहर पटरी पर लेट गईं थीं। साथी कर्मचारी के साथ गलत व्यवहार होने के बाद भी कार्रवाई नहीं होने पर रेलवे यूनियनों ने भी मोर्चा खोल दिया। 

डीआरएम और प्रतिनिधिमंडल के बीच हुई वार्ता में भी यूनियन आरोपियों पर तत्काल कार्रवाई पर अड़ी रही। जिनका नेतृत्व करने नॅार्थ सेंट्रल रेलवे मेंस यूनियन के सचिव सुकेश यादव भी मंगलवार को आगरा पहुंचे थे। इस प्रदर्शन में रेलवे कर्मचारी संघ, एनसीआरएमयू, नॅार्थ सेंट्रल रेलवे मेंस यूनियन और जाट महासभा के पदाधिकारी विरोध प्रदर्शन में शामिल होकर लगातार मामले में आरोपियों पर तत्काल कार्रवाई की मांग पर अड़े हुए हैं। साथ ही घटना पर ऑल इंडिया रेलवे स्टेशन मास्टर एसोसिएशन का आंदोलन लगातार जारी है। वहीं रेलवे यूनियनों ने कार्रवाई में देरी होने की दशा में चक्का जाम, रेलवे ट्रैक उखाड़ने की चेतावनी दी है, जिसे लेकर रेलवे के उच्च अधिकारियों की धड़कनें बढ़ी हुई हैं।

 
विज्ञापन

यह थी घटना
12 जुलाई की सुबह डिप्टी स्टेशन सुपरिटेंडेंट नरेंद्र सिंह चाहर और आरपीएफ जवानों के बीव विवाद के बाद मारपीट की घटना हुई थी। नरेंद्र सिंह ने आरपीएफ पर यात्रियों से रुपये वसूल करने का आरोप लगाया था, जिस पर आरपीएफ के कर्मचारी डिप्टी एसएस नरेंद्र सिंह चाहर को मारपीट करते हुए थाने तक घसीट ले गए थे। घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हुए थे। घटना की गंभीरता को देखकर फतेहपुर सीकरी सांसद राजकुमार चाहर भी आगरा कैंट स्टेशन पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे थे। जिसके बाद से पूरा मामला सुर्खियों में बना हुआ हैं। उक्त मामले में अरोपी दो एएसआई और दो कांस्टेबल निलंबित किए जा चुके हैं। पूरे मामले की जांच के लिए कमेटी गठित कर दी गई है।

ये भी पढ़ें-आगरा में एक हजार किलो घी जब्त: लखनऊ की टीम ने की छापेमार, डेयरी बंद कर भागे संचालक; जांच के लिए भेजे नमूने

 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें