बीएएलएलबी, एलएलबी और एलएलएम में सेमेस्टर प्रणाली लागू करने के आदेश से परीक्षा प्रणाली पर विवाद खड़ा हो गया है। आदेश के बाद सेल्फ फाइनेंस कॉलेज संगठन (एसएफसीए) ने इस पर आपत्ति जताते हुए परीक्षाएं वार्षिक प्रणाली से ही कराने की मांग की है।
इसके साथ ही संगठन ने बीएड पाठ्यक्रम को भी वार्षिक प्रणाली में ही संचालित करने की मांग उठाई है। ऐसे में एक बार फिर असमंजस की स्थिति बन गई है। कुलसचिव अजय मिश्रा ने 27 नवंबर को सत्र 2025-26 से विधि संकाय के बीएएलएलबी, एलएलबी और एलएलएम पाठ्यक्रमों में सेमेस्टर प्रणाली लागू करने का आधिकारिक आदेश जारी किया था।
इसके बाद यह स्पष्ट हो गया था कि विधि की परीक्षाएं सेमेस्टर प्रणाली के तहत आयोजित होंगी। आदेश जारी होते ही सेल्फ फाइनेंस कॉलेज संगठन ने विश्वविद्यालय प्रशासन से सेमेस्टर प्रणाली के आदेश को वापस लेने की मांग शुरू कर दी। संगठन के मीडिया प्रभारी बृजेश शर्मा ने कहा कि वार्षिक प्रणाली से कॉलेजों की शैक्षणिक और प्रशासनिक व्यवस्थाएं बेहतर तरीके से संचालित होती हैं। सेमेस्टर प्रणाली लागू करने से स्ववित्तपोषित कॉलेजों पर अतिरिक्त आर्थिक और शैक्षणिक दबाव पड़ेगा।
संगठन ने विधि के साथ-साथ बीएड पाठ्यक्रम को भी वार्षिक प्रणाली में ही संचालित रखने की मांग की है। फिलहाल विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से विधि पाठ्यक्रम में सेमेस्टर प्रणाली लागू करने का आदेश प्रभावी है और उसे वापस लेने को लेकर कोई आधिकारिक निर्णय नहीं लिया गया है।
एनईपी के तहत होगी प्रणाली
अकादमिक हेड डीन प्रो. मनु प्रताप ने बताया कि विधि पाठ्यक्रम के जो एडमिशन समर्थ से वार्षिक प्रणाली पर किए गए हैं। आदेश सेमेस्टर प्रणाली से परीक्षाएं कराने का है। अगला कोई निर्णय नहीं लिया गया है।