मुड़िया मेले में जाएंगी बसें, बढ़ेगी किल्लत
उच्चाधिकारियों ने 55 बसें भेजने के दिए निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
एटा। मथुरा के गोर्वधन में मुड़िया पूर्णिमा पर लगने वाले मेले के लिए निगम की ओर से जिले से 55 बसों को भेजने के निर्देश दिए हैं। बसें कम होने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ेेगा। बसों की रवानगी बुधवार से शुरू हो जाएगी।
18 जुलाई को गोर्वधन में विशाल मेला लगता है। इसी को लेकर जिले से 55 बसें भेजने का फरमान उच्चधिकारियों ने एआरएम को दिया है। जिले में पहले ही बसों की किल्लत चल रही है। कई संविदा कर्मी चालक और परिचालक ड्यूटी पर नहीं आ रहे हैं। इसके चलते लगभग 30 बसें कार्यशाला में खड़ी रहतीं हैं। अब 55 बसें मेले में जाने से प्रतिदिन आगरा, अलीगढ़, कासगंज यात्रा करने वाले यात्रियों के भारी परेशानी का समना करना पड़ेगा।
दिल्ली रूट से हटाई जाएंगी बसें
दिल्ली रूट पर सार्वधिक 70 बसें डिपों से जाती है। ऐसे में 55 बसों को मेले में भेेजने के फरमान आ गया है। जहां सभी रूटों से बसों को कम किेया जाएगा। वहीं सर्वाधिक बसें दिल्ली रूट से हटाई जाएंगी।
मेले में बसें भेजने के निर्देश दिए गए हैं। दो दिन में बसों को भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। जिले से 55 बसों की मांग है जिसमें 30 बसों को मेले में भेजा जाएगा।
मदनलाल, एआरएम, एटा
13 जुलाई से 40 बसें जाएंगी मुड़िया मेले
कासगंज। यदि अगले सप्ताह कहीं यात्रा करने की सोच रहे हैं तो फिर से विचार कर लें। मथुरा में लगने वाले मुड़िया मेला के लिए डिपो की 40 बसों को लगाया है। ये बसें 13 से 18 जुलाई तक मथुरा में रहेंगी।
डिपो के पास अनुबंधित बसों को मिलाकर कुल 89 बसों का बेड़ा है। जिनमें 40 बसों के मुड़िया मेले में लग जाने के बाद मात्र 49 बसें ही शेष रह जाएंगी। दिल्ली रूट के लिए डिपो की प्राथमिकता रहती हैं। जिससे शेष बची अधिकांश बसों को दिल्ली रूट पर लगाया जाए। लोकल रूटों पर बसें की कमी का सामना लोगों को करना पड़ सकता है।
मथुरा से गोवर्धन 30 और वापसी का 40 रुपये होगा किराया
कासगंज। मुड़िया मेले में बसें 13 से 18 तक मथुरा में ही रहेंगी। मथुरा से गोवर्धन तक ले जाने के लिए 30 का किराया देना होगा। वहीं वापसी गोवर्धन से मथुरा के लिए मार्ग वाया सौंख निर्धारित किया गया है। जिससे दूरी 11 किलोमीटर बढ़ जाएगी। जिसके चलते वापसी के लिए किराया 40 रुपये होगा।
निर्धारित शेड्यूल के मुताबिक 13 से 18 तक बसें मथुरा में रहेंगी, वहीं श्रद्धालुओं को मथुरा और गोवर्धन की यात्रा कराएंगी। शेष बसों को अन्य मार्गों पर लगाया जाएगा। बसों की किल्लत को बसों के चक्कर बढ़ाकर पूरा किया जाएगा। यात्रियों को असुविधा न हो इसका पूरा प्रयास रहेगा। वृजेश, डिपा प्रभारी, कासगंज।